रांची
सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई आज झारखंड कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं-
• जमुआ में डिग्री महाविद्यालय के लिए 38 करोड़ और मांडू में डिग्री महाविद्यालय के लिए 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
• कल्याण विभाग के छात्रावासों के संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी अब उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय कमेटी करेगी।
• ग्रामीण क्षेत्रों में अब सरकारी भवनों, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थाओं के निर्माण के समय कम से कम 4.5 मीटर की सड़क होना अनिवार्य होगा। पहले भवनों में 9 मीटर की सड़क अनिवार्य थी।
• सरकार मेडिकल सर्विस के लिए सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर भाड़े पर लेगी। इस पर प्रति वर्ष 9.47 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस हेलीकॉप्टर का उपयोग बीमार लोगों को अस्पताल लाने और एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल पहुंचाने में होगा।
• थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, दिव्यांग और हीमोफीलिया से पीड़ित बच्चों को बोर्ड की परीक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब वे 50 प्रतिशत उपस्थिति रहने पर भी बोर्ड की परीक्षा दे सकेंगे।
• डिग्री कॉलेज बरही का नाम बदलकर चंदवारा डिग्री कॉलेज कर दिया गया है।
• अंगीभूत महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के शिक्षक और अधिकारियों को सातवें वेतनमान का लाभ अब 1 जनवरी 2016 से मिलेगा। पहले यह 1 अप्रैल 2021 से देय था। एरियर की राशि 6 प्रतिशत ब्याज के साथ दी जाएगी।
• आदित्यपुर नगर निगम भवन के लिए 39.67 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
• गिरिडीह वन प्रमंडल एवं दुमका वन प्रमंडल के अंतर्गत एक-एक नया चिड़ियाघर बनाया जाएगा।
• झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त तक आहूत किया जाएगा। इसमें पांच कार्य दिवस होंगे।
• माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में आई-पावर वर्चुअल क्लास के लिए 7 स्टूडियो का निर्माण किया जाएगा। दो स्टूडियो जीपीसी में और पांच प्रमंडलों में बनाए जाएंगे। इन स्टूडियो के माध्यम से 1000 उच्च विद्यालयों में वर्चुअल क्लास होगी। इस पर कुल 176 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
• महाधिवक्ता, अपर महाधिवक्ता और सरकारी अधिवक्ताओं के वेतन में बढ़ोतरी की गई है। साथ ही लॉ ऑफिसर और रिसर्च ऑफिसर के 63 नए पदों का सृजन किया गया है।