द फॉलोअप डेस्क, रांची:
Jharkhand News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़ी प्रतियोगिता परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) में सुनवाई होगी। दरअसल, 17 अगस्त को झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार (Hemant Soren Government) ने कैबिनेट की मीटिंग के बाद 11-13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (11th-13th JPSC), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) समेत कई अन्य भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। सरकार ने सभी परीक्षाओं की सीआईडी जांच कराने का फैसला किया था।
इन परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती दी है।
14वीं JPSC पीटी परीक्षा में धांधली का आरोप
दरअसल, 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभक परीक्षा में कथित तौर पर ओएमआर शीट से छेड़छाड़ करके कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की शिकायत मिली थी। सरकार ने सीआईडी को जांच सौंपी और इसमें परीक्षा एजेंसी TDPL की भूमिका संदिग्ध पाई गई। 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा गड़बड़ी मामले में आयोग की उप परीक्षा निदेशक श्वेता गुप्ता, चेयरमैन एल ख्यांग्ते के गुप्त विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार, चेयरमैन एल ख्यांग्ते, TDPL के निदेशक और पूर्व मार्केटिंग मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। कुछ अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
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TDPL द्वारा आयोजित परीक्षायें रद्द की गईं
14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक पीरक्षा में कथित गड़बड़ी की शिकायत मिलने और गिरफ्तारियों के बाद सरकार ने TDPL द्वारा आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया। सरकार ने 2010 से अब तक आयोजित कुल 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया था।