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जयराम महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर 10 सितंबर को होगी सुनवाई

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द फॉलोअप, रांची 
डुमरी से जेएलकेएम विधायक जयराम महतो की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 में विधायक समेत अन्य आरोपियों की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को धनबाद एमपी-एमएलए न्यायालय में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस से केस डायरी तलब की है। अब मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 को होगी। विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत में जयराम महतो, सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शाहनवाज ने अदालत से आरोपियों के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। वहीं, अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार राय ने बचाव पक्ष की मांग का विरोध किया और मामले की केस डायरी अदालत में मंगाने का आग्रह किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की।

22 अगस्त को दर्ज हुई थी प्राथमिकी

इस मामले में बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर 22 अगस्त 2026 को बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जितेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, महेंद्र साव, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो और त्रिपुरारी पांडेय समेत अन्य समर्थकों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस की प्राथमिकी के मुताबिक, गणेश दास को एक मामले में गिरफ्तार कर बरवाअड्डा थाना की हाजत में रखा गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद विधायक जयराम महतो करीब 40 से 50 समर्थकों के साथ थाना पहुंचे थे। आरोप है कि थाना पहुंचने के बाद विधायक ने पुलिस पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और समर्थकों से गणेश दास को हाजत से बाहर निकालने के लिए कहा। पुलिस ने समर्थकों को हाजत की ओर जाने से रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान कथित तौर पर थाना प्रभारी के साथ धक्का-मुक्की हुई।

थाना परिसर में हंगामा और सरकारी काम में बाधा का आरोप

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान दिलीप चौधरी ने थाना प्रभारी की मेज पर मुक्का मारा और वहां रखा पदनाम बोर्ड तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में थाना परिसर में हंगामा, गाली-गलौज, पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई आरोप लगाए हैं। अब सभी की नजर 10 सितंबर की सुनवाई पर है। केस डायरी अदालत में पेश होने के बाद जयराम महतो समेत अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत आगे फैसला करेगी।

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