हजारीबाग
हजारीबाग में पुलिसकर्मियों के वेतन मद से फर्जी आईडी बनाकर 29 करोड़ रुपये के गबन मामले में CID ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। साल 2014 से 2026 के बीच हुए इस घोटाले के मास्टरमाइंड सिपाही शंभु कुमार सहित 6 आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया है कि इस काली कमाई को 24 बैंक खातों में ट्रांसफर कर जमीन, मकान और जेवरात खरीदने में निवेश किया गया था। सीआईडी ने अब तक 1.60 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं और मामले की जांच अभी जारी है। A
24 खातों में ट्रांसफर किए गए अवैध निकासी के 29 करोड़
चार्जशीट के अनुसार, ट्रेजरी से फर्जी और टेंपररी आईडी बनाकर पिछले 12 सालों में 2014 से 2026 के बीच में पुलिसकर्मियों के वेतन मद से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई है। अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने करीब 29 करोड़ रुपये की यह अवैध राशि 24 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की। इस मामले में सीआईडी ने कोर्ट को बताया कि अब तक 1.60 करोड़ रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं, और जिन 24 खातों में पैसे भेजे गए थे, उनके खाताधारकों की भूमिका की जांच की जा रही है ताकि ये पता चल सके कि वे इस धोखाधड़ी में शामिल थे या नहीं। मामले में आगे की जांच जारी है। 
काली कमाई से खरीदे मकान और गहने
CID ने अवैध निकासी मामले में शंभु कुमार, उनकी पत्नी काजल कुमारी, सिपाही रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह, उनकी पत्नी खुशबू कुमारी, रिश्तेदार सौरभ कुमार और सिपाही धीरेंद्र सिंह समेत 6 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट के मुताबिक, एसपी कार्यालय की अकाउंट ब्रांच (लेखा शाखा) में तैनात तीनों सिपाही शंभु, रजनीश और धीरेंद्र इस धोखाधड़ी में मुख्य रूप से शामिल थे। इन सिपाहियों ने इस काले खेल में अपनी पत्नियों को भी भागीदार बनाया और अवैध रूप से निकाली गई रकम का इस्तेमाल जमीन, मकान और सोने-चांदी के गहने खरीदने में किया।