हजारीबाग
जिले के कोर्रा थाना क्षेत्र स्थित कनहरी रोड पर रविवार को पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद एक रेस्टोरेंट में छापेमारी की। आरोप है कि रेस्टोरेंट में रूम सर्विस की आड़ में आपत्तिजनक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। सूचना मिलते ही कोर्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। पुलिस जांच के दौरान मौके से एक युवती और दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए कोर्रा थाना ले गई। पुलिस की कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में हलचल मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने रेस्टोरेंट में मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ कर घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई।
स्थानीय लोगों ने लंबे समय से की थी शिकायत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि संबंधित रेस्टोरेंट में काफी समय से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की शिकायत मिल रही थी। लोगों का आरोप है कि इन गतिविधियों के कारण आसपास के आवासीय क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा था और परिवारों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था। निवासियों के अनुसार, इस मामले को लेकर कई बार विरोध भी दर्ज कराया गया था और प्रशासन को शिकायतें भी दी गई थीं, लेकिन स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। रविवार को दोबारा सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रेस्टोरेंट में छापेमारी की। 
रेस्टोरेंट के हर कमरे की हुई जांच, तीन लोग हिरासत में
छापेमारी के दौरान पुलिस ने रेस्टोरेंट के कमरों और अन्य हिस्सों की बारीकी से जांच की। साथ ही वहां मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया कि रेस्टोरेंट में किस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही थीं। पुलिस पूरे मामले से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाल रही है। कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। फिलहाल एक युवती और दो युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी के खिलाफ औपचारिक FIR दर्ज नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 
रेस्टोरेंट को कराया गया अस्थायी रूप से बंद
पुलिस कार्रवाई के बाद संबंधित रेस्टोरेंट को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित संचालकों और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।