सितेश तिवारी/हजारीबाग
हजारीबाग में आज पत्रकारों की नाराज़गी खुलकर सामने आई, जब जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता विरोध के मंच में बदल गई। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की नवनियुक्त उपाध्यक्ष गुंजन सिंह मौजूद थीं, लेकिन माहौल मुद्दों से ज्यादा आक्रोश से भरा नजर आया। पत्रकारों ने काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया और हाल ही में उनके साथ हुई मारपीट की घटना पर गहरी नाराज़गी जताई।

सिस्टम चुप्पी साधे है
पत्रकारों का कहना है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे वे मानसिक रूप से आहत हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पत्रकारों की सुरक्षा सिर्फ कागज़ों और बयानों तक ही सीमित है? विरोध कर रहे पत्रकारों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि दोषी खुलेआम घूम रहे हैं और सिस्टम चुप्पी साधे हुए है, जो सबसे बड़ा सवाल बनकर सामने आया है।