द फॉलोअप डेस्क
हरीश यादव की आज ईडी के विशेष कोर्ट में पेशी हुई। इस दौरान ईडी ने पूछताछ के लिए कोर्ट से 5 दिनों की रिमांड मांगी। जिसे बाद कोर्ट ने ईडी को हरीश यादव की 4 दिनों की रिमांड दी है। अब ईडी हरीश यादव से पूछताछ करेगी। इस दौरान कई अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। बता दें कि पूछताछ के बाद ईडी ने हरीश यादव को गिरफ्तार कर लिया था। इसपर मुकेश मित्तल के कहने पर एक खाते से दूसरे खाते में काले धन का स्थानांतरण कर सफेद बनाने का आरोप है।यह वीरेंद्र राम के मामले में छठे गिरफ्तारी हुई। बता दें कि हरीश वीरेंद्र राम के सीए मुकेश मित्तल का सहयोगी है।

फर्जी दस्तावेज के आधार पर तीन कंपनियां बनाई
ईडी ने कोर्ट में बताया कि जांच में पाया गया है कि वीरेंद्र राम टेंडर से कमीशन के तौर पर होने वाली अपनी काली कमाई को हवाला सहित अन्य माध्यमों से सीए मुकेश मित्तल के पास पहुंचाता था। सीए इसकी लॉन्ड्रिंग कर बीरेंद्र की पत्नी राजकुमारी और पिता गेंदा राम सहित अन्य रिश्तेदार के खाते में ट्रांसफर करता था। इस काम को अंजाम देने के लिए सीए के सहयोग से ताराचंद ने अपनी तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाए थे। इन्हीं फर्जी दस्तावेज के आधार पर तीन कंपनियां बनाई गई थी।

तीनों कंपनियों के लिंक्ड मोबाइल रखता था हरीश
ईडी ने आगे कहा कि जांच में पाया गया कि हरीश यादव के पास फर्जी दस्तावेज पर खोली गई तीनों कंपनियों के लिंक्ड मोबाइल रहता था। खातों का पैसा ट्रांसफर करने की स्थिति में वह नीरज मित्तल या ताराचंद के बैंक द्वारा भेजे गए ओटीपी की जानकारी देते थे। हरीश ने अपने मोबाइल पर कोई औईकूल टेक्नोलॉजी नाम की कंपनी बना रखी थी। वह अपनी इस कंपनी से भी मनी लॉन्ड्रिंग करता था। उसने वीरेंद्र राम की काली कमाई से 10 लाख रुपए की लॉन्ड्रिंग की और मनीष के खाते में ट्रांसफर किया। बाद में यह पैसे गेंदा राम के अकाउंट में भेज दी गई। ईडी ने बताया कि हरीश को यह पैसे हवाला कारोबारी राम प्रकाश भाटिया ने दी थी।
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