जामताड़ा
ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद इसके तार अब झारखंड के जामताड़ा जिले से जुड़ गए हैं. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर रेल पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से मिहिजाम में बड़ी छापेमारी की है. इस कार्रवाई के बाद इलाके के आभूषण व्यापारियों और अपराधियों में हड़कंप मच गया है. मिली जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले बिलासपुर रेल पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेनों में छिनतई, चोरी और लूटपाट करने वाले ‘गुलगुलिया’ गिरोह के छह सक्रिय सदस्यों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. यह गिरोह लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों के कीमती आभूषण और सामान चोरी करने की घटनाओं को अंजाम देता था. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से कड़ी पूछताछ की, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लूटे गए सोने के आभूषणों को अलग-अलग जगहों पर खपाते थे.
चोरी की आभूषण खरीदता था स्वर्णकार
अपराधियों की निशानदेही पर छत्तीसगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम गुरुवार को जामताड़ा जिले के मिहिजाम पहुंची. आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि वे ट्रेनों से लूटे गए सोने के आभूषण मिहिजाम के श्मशान रोड निवासी स्वर्णकार राजकिशोर को बेचते थे. इसी जानकारी के आधार पर बिलासपुर रेल पुलिस ने मिहिजाम पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की. टीम ने श्मशान रोड स्थित स्वर्णकार राजकिशोर के प्रतिष्ठान और आवास पर एक साथ छापेमारी की. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्वर्णकार राजकिशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. फिलहाल उससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि राजकिशोर का इस अंतर्राज्यीय गिरोह से संबंध कब से था, उसने अब तक गिरोह से कितने मूल्य के चोरी के आभूषण खरीदे और क्या इस नेटवर्क में जामताड़ा या आसपास के अन्य स्वर्णकार भी शामिल हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, ‘गुलगुलिया’ गिरोह की गिरफ्तारी और स्वर्णकार से पूछताछ के बाद रेलवे में हुई कई अन्य चोरी और लूट की घटनाओं का खुलासा हो सकता है. फिलहाल पुलिस बरामद आभूषणों के मूल्यांकन और गिरोह के पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है.
