रांची
झारखंड सरकार ने अपने एक अजूबे निर्णय के तहत पत्रकारों के मुख्य सचिवालय प्रोजेक्ट भवन में प्रवेश पर रोक लगा दी। प्रोजेक्ट भवन के डीएसपी सुरक्षा जयप्रकाश सिंह का कहना है कि ऊपर के आदेश के तहत यह रोक लगाई गई है। ऊपर का आदेश है अगर किसी पत्रकार को अंदर जाना है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी से फोन करबाएं तब अंदर प्रवेश करने दिया जाएगा। पत्रकारों के लिए अब परेशानी यह है कि वह रिपोर्टिंग के क्रम में किसी खास अधिकारी या कर्मचारी से ही मिलने नहीं जाया करते। यह भी कि पत्रकारों को कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपने नाम पर अंदर क्यों बुलाएगा। इस व्यवस्था से पत्रकार और अधिकारी दोनों की गोपनीयता भंग होती है। यह पत्रकारिता के दृष्टि से भी उचित नहीं है।

पिछले दिनों परिसर में हुआ था विरोध प्रदर्शन
इधर जानकारी के अनुसार पिछले दिनों झारखंड सचिवालय सेवा संघ के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था। कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो और अन्य अधिकारियों के विरोध में नारेबाजी की थी। सचिवालय सेवा के दर्जनों अधिकारी कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो के कार्यालय कक्ष के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन के माध्यम से उन्हें अपने कार्यालय कक्ष में प्रवेश से रोक दिया था। बगल में स्थित मुख्य सचिव के कार्यालय के पास भी कर्मचारी लगभग 1 घंटे तक नारेबाजी करते रहे थे।
क्या नागवार गुजरा अधिकारियों को
जानकारी के अनुसार यह सरकार के शीर्ष पर बैठे आला अधिकारियों को नागवार गुजारा। क्योंकि मीडिया कर्मियों ने अधिकारियों के कार्यालय कक्ष के बाहर हो रहे प्रदर्शन का वीडियो और तस्वीर बना लिया था यह विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित और प्रकाशित भी हुआ। इसी कारण मुख्य सचिव के मौखिक आदेश पर पत्रकारों को प्रोजेक्ट भवन में प्रवेश करने से रोक दिया गया है।
