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प्रिंस की मौत पर 32 घंटे बाद टूटा अनशन, दोषियों पर कार्रवाई और 5 लाख मुआवजे का आश्वासन

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द फॉलोअप डेस्क
गोड्डा जिले के महागामा नगर पंचायत क्षेत्र में 11 हजार वोल्ट की बिजली तार की चपेट में आने से हुई प्रिंस की मौत के विरोध में स्थानीय युवाओं द्वारा शुरू किया गया अनशन करीब 32 घंटे बाद समाप्त हो गया। अनशनकारियों की मांगों पर प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल किए जाने के बाद महागामा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, नगर अध्यक्ष, अंचलाधिकारी समेत कई अधिकारियों ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


अनशनकारी की बिगड़ी तबीयत, प्रशासन ने की वार्ता
अनशन के दौरान शामिल युवाओं में से आदित्य आनंद की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने अनशनकारियों से वार्ता की और उनकी मांगों को स्वीकार करने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने कहा कि पार्क निर्माण और बिजली व्यवस्था में जहां भी लापरवाही हुई है, उसकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है कि 11 जून को महागामा नगर पंचायत क्षेत्र में निर्माणाधीन पार्क में खेलने गए दो बच्चे 11 हजार वोल्ट की बिजली तार की चपेट में आ गए थे। पार्क का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है, इसके बावजूद उसे खुला छोड़ दिया गया था, जहां रोजाना बच्चे खेलने पहुंचते थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल प्रिंस की 17 जून को मौत हो गई, जबकि दूसरा बच्चा अभी भी रिम्स में इलाजरत है।


परिजनों को मिलेगा मुआवजा, कार्रवाई की मांग तेज
अनशनकारियों ने घटना के लिए नगर पंचायत और बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि बिजली विभाग की ओर से सरकारी प्रावधान के तहत मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल अनशन समाप्त कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय लोग दोषियों पर कार्रवाई को लेकर नजर बनाए हुए हैं।

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