द फॉलोअप डेस्क
दिवंगत मंत्री सुदिव्य सोनू का अस्थि विसर्जन सोमवार को गिरिडीह की बराकर नदी के तट पर किया गया। उनके बेटे श्रेयस ने अन्य परिजनों की मौजूदगी में अस्थि विसर्जन की विधि पूरी की। दिवंगत मंत्री के बेटे श्रेयस ने ही पिता को मुखाग्नि दी है। सुदिव्य सोनू के अचानक निधन से परिवार के साथ-साथ पूरे झारखंड में शोक का माहौल है। सुदिव्य सोनू का निधन 6 सितंबर की तड़के करीब 4 बजे हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से रविवार और सोमवार को पूरे झारखंड में राजकीय शोक घोषित किया गया है। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक हर कोई स्तब्ध है।

5 सितंबर कर कार्यक्रम में हुए थे शामिल
सुदिव्य सोनू 5 सितंबर तक लगातार लोगों के बीच सक्रिय रहे और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इसके ठीक अगले दिन उनके अचानक निधन की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया। एक दिन पहले तक सार्वजनिक कार्यक्रमों में लोगों के बीच नजर आने वाले सुदिव्य सोनू के अचानक दुनिया से चले जाने की बात लोग अब भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। गिरिडीह में उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी रविवार रात गिरिडीह में ही रुके थे।
