गिरिडीह
डुमरी प्रखंड की छछन्दो पंचायत अंतर्गत पारसनाथ की तलहटी में स्थित दलान चलकरी गांव, जो आजादी के दशकों बाद भी पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है, अब विकास की नई उम्मीद देख रहा है। गांव तक पक्की सड़क निर्माण और पेयजल की स्थायी व्यवस्था के लिए पहल शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में जयराम महतो ने गांव पहुंचकर 32 आदिवासी परिवारों के बीच एक माह का राशन वितरण किया, ताकि बरसात के मौसम में ग्रामीणों को खाद्यान्न संकट का सामना नहीं करना पड़े।
32 आदिवासी परिवारों को मिला एक माह का राशन, बारिश में मिली राहत
जानकारी के अनुसार, हाल ही में दलान चलकरी गांव में आदिवासी दंपति की हत्या की घटना के बाद क्षेत्र का दौरा किया गया था। उसी दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर अपनी परेशानी बताई थी। ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए जयराम महतो ने गांव पहुंचकर 32 आदिवासी परिवारों के बीच एक माह का राशन बांटा और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। बरसात के दिनों में गांव में खाद्यान्न की समस्या बढ़ जाती है, ऐसे में राशन मिलने से ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही दलान चलकरी गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए पक्की सड़क निर्माण की पहल शुरू की गई है। इस संबंध में गिरिडीह उपायुक्त से भी बातचीत कर सड़क निर्माण और पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास करने की बात कही गई है। गांव में पेयजल संकट को देखते हुए सोलर आधारित जलापूर्ति प्रणाली (सोलर पानी टंकी) स्थापित कराने का आग्रह किया गया है, ताकि ग्रामीणों को सालभर पानी की सुविधा मिल सके।
बरसात में बढ़ जाती हैं ग्रामीणों की मुश्किलें
ग्रामीणों ने बताया कि आज तक कोई सांसद या विधायक उनके गांव तक नहीं पहुंचा था। पारसनाथ की तलहटी में स्थित यह दुर्गम इलाका लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा, जिसके कारण सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय सड़क नहीं होने के कारण बाजार तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है। रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लाने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान सामाजिक संस्थाओं से भी गांव पहुंचकर आदिवासी परिवारों की मदद करने की अपील की गई। इसके बाद कई सामाजिक संगठनों ने आगे आकर ग्रामीणों को सहायता उपलब्ध कराई। क्षेत्र के विकास और गांव को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास जारी रहने की बात कही गई।