जामताड़ा
जामताड़ा जिला में साइबर अपराधी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए लगातार नए-नए ठिकाने और तरीके अपना रहे हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने एक बार फिर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। ताजा मामले में जामताड़ा पुलिस ने छापेमारी कर एक स्कूल के पीछे से दो शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
गुरुवार को साइबर थाना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान हेड क्वार्टर डीएसपी संजय कुमार सिंह और साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल ने संयुक्त रूप से मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि करमाटांड़ थाना क्षेत्र के काशीटांड़ गांव में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस निरीक्षक मो. फारूख के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने काशीटांड़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के पीछे परती जमीन पर अचानक छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने मौके से सुरेश कुमार दास (24 वर्ष) और दीपक कुमार दास (19 वर्ष) को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी जामताड़ा जिले के ही रहने वाले हैं।
ठगी का नया तरीका: फर्जी APK लिंक
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये अपराधी एक्सिस बैंक के ग्राहकों को अपना निशाना बना रहे थे। ये अपराधियों द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से ग्राहकों को एक फर्जी APK लिंक भेजा जाता था। ग्राहकों को झांसा दिया जाता था कि उनका KYC अपडेट करना अनिवार्य है, अन्यथा उनका खाता बंद हो जाएगा। जैसे ही कोई अनभिज्ञ ग्राहक उस ऐप को डाउनलोड करता, अपराधियों को उनके फोन और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल हो जाती थी। इसके बाद ई-वॉलेट के जरिए उनके खातों से पैसे उड़ा लिए जाते थे।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
07 मोबाइल फोन
07 सक्रिय सिम कार्ड
पुलिस ने साइबर थाना में कांड संख्या 22/26 दर्ज कर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी संजय कुमार सिंह ने बताया कि इस गिरोह का नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।