द फॉलोअप, रांची
भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में राज्य सरकार गंभीर नहीं है और जांच एजेंसियों का उपयोग केवल औपचारिकता निभाने के लिए किया जा रहा है।
प्रदेश कार्यालय के घेराव के दौरान हुई झड़प का ज़िक्र करते हुए आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर पथराव और अन्य वस्तुएं फेंकी गईं, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हुए।

जेपीएससी प्रकरण की सीबीआई की मांग
आदित्य साहू ने कहा कि अगर कांग्रेस पारदर्शिता की पक्षधर है तो उसे भी सीबीआई जांच की मांग का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने ने दावा किया कि भाजपा के आंदोलन के दबाव में जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष को पद छोड़ना पड़ा और अब संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई की जरूरत है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर और झारखंड में पार्टी का व्यवहार अलग-अलग दिखाई देता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति असम्मान का भी आरोप लगाया और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर पार्टी की भूमिका की आलोचना की।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने जेपीएससी प्रकरण समेत अन्य भर्ती मामलों की सीबीआई से कराने की मांग करते हुए कहा कि केवल सीआईडी जांच से सच्चाई सामने नहीं आएगी।
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कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज होगी प्राथमिकी
आदित्य साहू ने कहा कि घायल कार्यकर्ताओं की ओर से कांग्रेस नेताओं और अन्य आरोपियों के खिलाफ कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से भर्ती परीक्षा विवादों और हिंसक घटनाओं पर कठोर कार्रवाई करने की मांग दोहराई।
भाजपा ने यह भी कहा कि युवाओं के रोजगार और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा परीक्षा से जुड़े सभी विवादों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।