जामताड़ा:
सदर अस्पताल जामताड़ा में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने, डॉक्टरों एवं कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा मरीजों को ससमय बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त आलोक कुमार ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रखने और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए परीक्ष्यमान उपसमाहर्ताओं (प्रोबेशनरी डिप्टी कलेक्टर्स) को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। वे अपने प्रशिक्षण के अतिरिक्त सदर अस्पताल का नियमित रूप से जांच एवं निरीक्षण करेंगे।

उपायुक्त ने इन शिकायतों पर लिया है संज्ञान
उपायुक्त ने बताया कि समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और आमजनों के माध्यम से सदर अस्पताल जामताड़ा के संबंध में लगातार कई गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों में मुख्य रूप से डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों (नियमित, संविदा एवं बाह्यस्रोत) का ससमय अपने कर्तव्य से अनुपस्थित रहना, अस्पताल में आवश्यक दवाओं की कमी होना तथा मरीजों का सही तरीके से इलाज न कर उन्हें निजी अस्पतालों में रिफर करना शामिल है।
सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई कि ड्यूटी पर तैनात कुछ डॉक्टर अस्पताल में मौजूद न रहकर निजी क्लीनिकों व अस्पतालों में अपना समय देते हैं। इस कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों का समय पर इलाज नहीं हो पाता और उन्हें मजबूरी में धनबाद, रांची या अन्य महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।

जवाबदेही तय होगी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
उपायुक्त आलोक कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला प्रशासन आमजनों तक सुलभ, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस भी स्तर से ढिलाई या लापरवाही सामने आएगी, वहां जवाबदेही तय करते हुए कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त कार्यालय में जमा करनी होगी रिपोर्ट
प्रतिनियुक्त किए गए परीक्ष्यमान उपसमाहर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे रोस्टर के अनुसार दिन के साथ-साथ रात्रि में भी अस्पताल का औचक (रैंडम) भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन, दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों के व्यवहार की जानकारी लेंगे। जांच के बाद प्रतिदिन अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीधे उपायुक्त कार्यालय को समर्पित करेंगे।
परीक्ष्यमान उपसमाहर्ताओं का निरीक्षण रोस्टर
जांच प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए उपायुक्त ने परीक्ष्यमान उपसमाहर्ताओं का साप्ताहिक रोस्टर जारी किया है:
जिला प्रशासन के इस कड़े कदम से सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार होने और बिचौलिया संस्कृति पर अंकुश लगने की पूरी उम्मीद है।