द फॉलोअप, रांची
पथ निर्माण विभाग अंतर्गत नवंबर 2022 में सीधी भर्ती से नियुक्त सहायक अभियंता एवं मार्च 2023 में कनीय अभियंता से प्रोन्नत सहायक अभियंताओं की विभाग द्वारा जारी सहायक अभियंता की पारस्परिक औपबंधिक वरीयता सूची पिछले 2 वर्षों से अधर में लटकी हुई है। पथ निर्माण विभाग द्वारा 2 अगस्त 2024 को सहायक अभियंताओं की आपसी या यूँ कहे पारस्परिक वरीयता सूची जारी की गई। मुख्यमंत्री के विभाग में सहायक अभियंता की दो वर्षों से लम्बित पारस्परिक वरीयता सूची के अंतिम रूप के प्रकाशन हेतु बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने वर्ष 2025 में विधानसभा के बजट सत्र में तारांकित प्रश्न के माध्यम से औपबंधिक वरीयता सूची के अंतिम प्रारूप की मांग रखी थी। बावजूद विभाग द्वारा विधि विभाग से मंतव्य प्राप्त कर अंतिम वरीयता सूची जारी करने का आश्वासन भर दिया गया।

विधानसभा में भी उठा था मामला
पुनः वर्ष 2026 को राँची विधायक सी पी सिंह द्वारा सदन के बजट सत्र में ध्यानाकर्षण के माध्यम से लेटलतीफ़ी को लेकर प्रश्नचिह्न खड़ा किया गया। इस संदर्भ में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से चर्चा के क्रम में सूचित किया गया कि औपबंधिक वरीयता सूची के विरुद्ध 200 से अधिक आपत्ति विभाग को प्राप्त होने के कारण समिति का गठन कर विधि विभाग से मंतव्य प्राप्त कर अंतिम वरीयता सूची प्रकाशित की जाएगी। वही औपबंधिक वरीयता सूची के विवाद गहराने एवं 2 वर्षों से अधिक समय से लंबित रहने के कारण वरीयता सूची से प्रभावित सहायक अभियंता हाईकोर्ट के शरण में भी गए हुए हैं। दूसरी तरफ़ विभाग ने अब जाकर समिति का गठन किया है। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार विभाग पर कार्यपालक अभियंताओं के रिक्त पदों पर कुछ सहायक अभियंता अभियंता दावा ठोक रहे हैं। विभाग के औपबंधिक वरीयता सूची पर प्राप्त आपत्ति का निराकरण करने में विफल रहने के कारण समय व्यतीत हो रहा है।
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प्रोन्नति का लाभ लिए बगैर रिटायर होते जा रहे सहायक अभियंता
कई प्रोन्नत सहायक अभियंता इस दौरान सेवानिवृत्ति हो रहे हैं। इस कारण उन्हें प्रभारी व्यवस्था अंतर्गत कार्यपालक अभियंता का प्रभार दिया जाना चाहिए। किंतु विडंबना ये है कि वर्ष 2026 में वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि स्वतंत्र रूप से किन्हीं को उच्चतर पदों पर प्रभार नहीं दिया जाए। भविष्य में इनके द्वारा उच्च न्यायालय में वाद दायर करने एवं उक्त में पारित फैसलों के मद्देनज़र भूतलक्षी प्रभाव से वेतन का लाभ देने पर विभाग को आए दिन कैबिनेट के माध्यम से मंज़ूरी देनी पड़ती है। अब विषय ये है कि पथ निर्माण विभाग 2022 में सीधी भर्ती से नियुक्त सहायक अभियंता एवं वर्ष 2023 में प्रोन्नति से नियुक्त सहायक अभियंता की अंतिम वरीयता सूची पर गठित समिति कब तक अपनी अनुसंशा करेगी। फिर विधि विभाग से मंतव्य प्राप्त कर अंतिम वरीयता सूची प्रकाशित की जाएगी। या वित्त विभाग द्वारा जारी संकल्प के विरुद्ध एवं अंतिम वरीयता सूची के प्रकाशन के बिना ही प्रभार देगी
