रांचीः
झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को बरी कर दिया गया है। अपर न्याययुक्त विशाल श्रीवास्तव के न्यायलय में यह फैसला सुनाया गया। बता दें कि योगेंद्र साव पर NTPC उत्खनन कार्य में बाधा डालने का आरोप था, लेकिन सबूत और साक्ष्य के अभाव में पूर्व मंत्री को बरी कर दिया गया है। बड़कागांव कांड संख्या 226/16 में योगेंद्र साव को बरी किया गया है। वहीं इस मामले में निर्मला देवी और मंटु सोनी को एक-एक माह की सजा मिली है।

क्या है मामला
योगेंद्र साव बड़कागांव गोलीकांड के आरोपी हैं। 1 अक्टूबर 2016 को चिरूडीह खनन के रास्ते पर योगेंद्र साव के साथ कई लोग कफन सत्याग्रह आंदोलन चला रहे थे। NTPC के खनन क्षेत्र के दोनों मार्ग अवरूद्ध हो गए थे। इस मामले में निर्मला देवी को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उनके समर्थकों ने पुलिस बल पर जानलेवा किया और उन्हें छुड़ा लिया था। इसी मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को भी आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था
कांग्रेस के विधायक व झारखंड के मंत्री रह चुके योगेंद्र साव ने अपनी जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से उन्हे निराशा हाथ लगी थी। योगेंद्र साव को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से मना कर दिया था। गौरतलब है कि इससे पहले योगेंद्र साव ने झारखंड हाईकोर्ट में अपील किया था लेकिन वहां से भी बड़कागांव से जुड़े मामले में जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद योगेंद्र साव ने सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया जहां उन्हे निराशा हाथ लगी।