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एक महीने बाद भी कुछ विभागों ने ही बताया कि कौन अधिकारी देगा उपलब्धियों व कार्यक्रमों की जानकारी

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द फॉलोअप, रांची
सरकार के आदेश के बाद भी अधिकतर विभाग यह बताने से पहरेज कर रहे हैं कि उनके विभाग की उपलब्धियों और कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए कौन से अधिकारी अधिकृत किए गए हैं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने 23 अप्रैल को सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों को पत्र लिखा था। उसमें आग्रह किया गया था कि राज्य सरकार की जनोपयोगी विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं / कार्यक्रमों एवं उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के संबंध में विभाग का एक नोडल अधिकारी प्राधिकृत किया जाए। ताकि सरकार द्वारा चलाई जा रही विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं के उद्देश्यों की जानकारी लक्षित समुदाय तक ससमय पहुँचे। इसलिए विभाग के उस नोडल अधिकारी का नाम, पद, फोन नंबर, ई-मेल एड्रेस उपलब्ध कराया जाए। इससे विभाग के उस नोडल अधिकारी से सूचना प्राप्त कर विभिन्न समाचार माध्यमों को उपलब्ध कराया जा सके। 


लेकिन पत्र लिखे जाने के एक महीने बाद भी राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों ने नोडल अधिकारी को प्राधिकृत करते हुए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी है। जानकारी के अनुसार अब तक हेल्थ, श्रम, उच्च शिक्षा, ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य जैसे कुछ विभागों ने ही नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया है। कैबिनेट, कार्मिक, पथ निर्माण, भवन निर्माण, कल्याण, पेयजल आपूर्ति, नगर विकास जैसे अधिकतर महत्वपूर्ण विभागों ने ध्यान ही नहीं दिया है। अब सवाल यह उठता है कि जब राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभाग अपनी ही सरकार के विभाग के सुझाव को अनसुना करते हैं तो विभिन्न समाचार माध्यमों को आधिकारिक सूचना कहां से प्राप्त होगा, यह बड़ा सवाल है। जानकारी के अनुसार अविभाजित बिहार और फिर अलग झारखंड राज्य बनने के प्रारंभिक वर्षों में यह व्यवस्था थी। इसमें किसी विभाग के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए एक अधिकारी को अधिकृत किया जाता था। वह अधिकारी आधिकारिक रूप से विभाग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराता था।

Tags - Jharkhand IPRD Information Nodal Officer Department