द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा योजना एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सभी सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिलना चाहिए और पलायन रोकने के लिए ठोस व प्रभावी कदम उठाए जाने जरूरी हैं। कौशल प्रशिक्षण को आधुनिक बनाने, प्रशिक्षित युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया।

श्रमिकों के निबंधन और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
झारखंड मंत्रालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं, रोजगार सृजन कार्यक्रमों, कौशल विकास प्रशिक्षण, नियोजन सेवाओं और श्रमिक कल्याण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से होना चाहिए, क्योंकि श्रम विभाग राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों तक विभाग की सीधी पहुंच बढ़ाने और देश के विभिन्न राज्यों में हेल्पलाइन सेंटर स्थापित करने का निर्देश भी दिया।

पलायन रोकने और श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
मुख्यमंत्री ने असंगठित, निर्माण और प्रवासी श्रमिकों का अद्यतन डाटा तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगले तीन महीनों में यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के कितने श्रमिक देश के किस हिस्से में काम कर रहे हैं, इसकी पूरी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध हो। साथ ही ई-श्रम पोर्टल पर अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाए। पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए।
श्रमिक पंजीकरण अभियान को तेज करने के निर्देश
प्रवासी श्रमिकों के लिए सहायता व्यवस्था को मजबूत करने के तहत ‘झारखंड राज्य प्रवासी सुलभ सहायता योजना’ के अंतर्गत नोएडा, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई में सहायता केंद्र स्थापित करने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मैपिंग और लोकेशन अपडेट करने के निर्देश दिए ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता दी जा सके।
उन्होंने श्रमिक पंजीकरण अभियान को तेज करने, गांव-गांव कैंप लगाने और मनरेगा मजदूरों को भी इसमें शामिल करने को कहा। निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट, जूते और ग्लव्स अनिवार्य करने तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
सीएम हेमंत ने यह भी कहा कि झारखंड को केवल श्रमिक आपूर्ति करने वाला राज्य नहीं बनना चाहिए, बल्कि आत्मनिर्भर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। आईटीआई संस्थानों के आधुनिकीकरण, नए कोर्स, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतर प्लेसमेंट व्यवस्था पर भी उन्होंने जोर दिया, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को राज्य में ही रोजगार मिल सके।