द फॉलोअप, रांची
ईडी ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है। सोनवानी पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी भर्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की। प्रश्न-पत्र लीक कराए, चयन प्रक्रिया में हेरफेर की और अपने रिश्तेदारों व करीबी लोगों को सरकारी नौकरियां दिलाईं। ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय के अनुसार, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। एजेंसी का कहना है कि जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित कर अवैध लाभ अर्जित किया गया और इसके बदले पसंदीदा उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित किया गया।तमन सिंह सोनवानी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के अध्यक्ष 2 जून 2020 से 8 सितंबर 2023 तक रहे। इस दौरान छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल (कांग्रेस) की सरकार थी, जो 17 दिसंबर 2018 से 13 दिसंबर 2023 तक मुख्यमंत्री रहे। उन पर बेटा, बहु और अन्य रिश्तेदारों के पांच लोगों को नौकरी दिलाने का आरोप है।

ईडी ने रविवार को तमन सिंह सोनवानी को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 30 जुलाई तक सात दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। ईओडब्ल्यू-एसीबी की एफआईआर से शुरू हुई कार्रवाई। यह मामला पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज एफआईआर के जरिए सामने आया था। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। इन्हीं जांच रिपोर्टों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर वित्तीय लेन-देन और कथित अवैध संपत्ति की जांच शुरू की।
