जामताड़ा
जामताड़ा समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आपदा पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता राशि की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना था। बैठक के दौरान उपायुक्त ने समिति के कार्यों और विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के तहत लाभार्थियों को दिए जाने वाले अनुग्रह अनुदान राशि की समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कई बार आपदा पीड़ित परिजन जानकारी के अभाव में तत्काल पर्याप्त दस्तावेज जमा नहीं कर पाते हैं, जिससे अनुग्रह राशि के भुगतान में देरी होती है।

पीड़ितों को अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें
ऐसी स्थिति से बचने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी पूर्व में ही उपलब्ध कराई जाए, ताकि पीड़ितों को अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। बैठक में झारखंड सरकार द्वारा अधिसूचित राज्य की विशिष्ट स्थानीय आपदाओं से जुड़े कुल 17 अभिलेखों (मामलों) को समीक्षा के लिए समिति के समक्ष पेश किया गया। इन मामलों का अंचलवार विवरण हैं,जिनमें अतिवृष्टि से मकान क्षति में 09 मामले, वज्रपात (व्यक्ति) 03 मामले, पानी में डूबने 01 मामला, सर्प दंश (सांप काटने) 01 मामला और वज्रपात (पशु) 01 मामला है। समिति ने इन सभी 17 मामलों की गहन समीक्षा की और नियमानुकूल व समुचित कार्रवाई करते हुए प्रावधान के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इसके अतिरिक्त, बैठक में आपदा प्रबंधन कोषांग के कार्यों, प्राप्त आवंटन और आवंटन अधियाचना से जुड़े मामलों पर भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
