द फॉलोअप डेस्क
झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र अपने समापन की ओर है। इस दौरान डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो ने सदन में स्थानीयता, भू-संरक्षण, जाति सूचीबद्धता और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को सदन में जोरदार तरीके से उठाया। इसके साथ ही उन्होंने बढ़ती अफसरशाही और प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ भी आवाज बुलंद की। इसी क्रम में विधायक जयराम महतो ने ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडेय को पत्र लिखकर धनबाद मनरेगा संविदा नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि स्वीकृत अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव करते हुए दक्षता-परीक्षा में समान अवसर प्रदान नहीं किया गया, जो कि न्यायसंगत चयन प्रक्रिया के विरुद्ध है।
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मौके पर मौजूद उनके संगठन के वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने जानकारी देते हुए बताया कि अभ्यर्थियों द्वारा पूर्व में दर्ज की गई आधिकारिक आपत्तियों के साथ कई बार उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त के समक्ष अपने तथ्यों को प्रस्तुत की गई थीं। इसके अतिरिक्त विभागीय कार्यालय द्वारा जारी सकारात्मक विशेष सुझाव-पत्र भी उपायुक्त, धनबाद को भेजा गया था। इसके बावजूद अनदेखी करते हुए मनमाने तरीके से नियुक्ति परीक्षा आयोजित करा ली गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण से छात्रों एवं अभिभावकों में गहरी नाराजगी व्याप्त है तथा वे निष्पक्ष जांच और न्यायसंगत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं पत्र प्राप्ति के उपरांत विभागीय मंत्री ने अफसर शाही के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
