द फॉलोअप डेस्क:
Jharkhand Naxal News: झारखंड में नक्सलवाद (Naxalism) धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और बड़े पैमाने पर माओवादियों (Maoists) के आत्मसमर्पण (surrender) का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन की गतिविधियां कई इलाकों में कमजोर हुई हैं और सुरक्षा एजेंसियों (Security agencies) के अनुसार अब राज्य में कुछ ही प्रमुख इनामी माओवादी (Maoist with a bounty on their head) उनकी तलाश में हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ऐसे छह प्रमुख इनामी माओवादियों पर कुल 55 लाख रुपये का इनाम घोषित है। इनमें सबसे ज्यादा 15 लाख रुपये का इनाम नितेश यादव (Nitesh Yada) उर्फ इरफान उर्फ नन्दू उर्फ किरानी पर है। सुरक्षा एजेंसियों का फोकस अब इन बचे हुए इनामी माओवादियों (Maoists) को पकड़ने और संगठन की बची हुई गतिविधियों को पूरी तरह खत्म करने पर है।
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बूढ़ा पहाड़ और शंख-कोयल जोन में कमजोर पड़ा संगठन
इनामी माओवादियों में अधिकांश का संबंध लातेहार, पलामू और गढ़वा जिलों से बताया जाता है। कभी इन क्षेत्रों में माओवादी संगठन का प्रभाव शंख-कोयल जोन और बूढ़ा पहाड़ तक फैला हुआ था। बूढ़ा पहाड़ में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बाद संगठन को बड़ा झटका लगा और उसके कई सदस्य सारंडा क्षेत्र की ओर चले गए थे। हालांकि, अब सारंडा क्षेत्र में भी माओवादियों की सक्रिय मौजूदगी को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। यहां भी संगठन को लगातार नुकसान उठाना पड़ा है। माओवादी कमांडर सचिन के आत्मसमर्पण के बाद सारंडा क्षेत्र में संगठन के शीर्ष स्तर का कोई प्रमुख माओवादी नहीं बचा है।
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एक करोड़ के इनामी आकाश की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी निगरानी
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को उस समय भी बड़ी सफलता मिली, जब एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी आकाश को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान अब संगठन में बचे हुए प्रमुख इनामी माओवादियों की तलाश और गिरफ्तारी पर केंद्रित है।
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नितेश यादव पर सबसे ज्यादा 15 लाख का इनाम
सुरक्षा एजेंसियों की सूची में गया निवासी नितेश यादव उर्फ इरफान उर्फ नन्दू उर्फ किरानी पर सबसे अधिक 15 लाख रुपये का इनाम घोषित है। उसे संगठन में आरसीएम स्तर का सदस्य बताया गया है। नितेश यादव बिहार के गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र के तरवाडीह गांव का रहने वाला बताया जाता है।
मनोहर गंझू पर 10 लाख रुपये का इनाम
लातेहार जिले के नगराटोला हेम्बरवार निवासी मनोहर गंझू उर्फ सोहन उर्फ दिनेश पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है। उसे माओवादी संगठन का जोनल कमेटी सदस्य बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए उसकी गिरफ्तारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गोदराय यादव पर भी 10 लाख का इनाम
पलामू जिले के देवगन गांव निवासी गोदराय यादव उर्फ संजय यादव पर भी 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है। वह भी सुरक्षा एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल प्रमुख इनामी माओवादियों में बताया गया है।
पंकज कोरवा पर पांच लाख का इनाम
गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र के झिंगुरा गांव निवासी पंकज कोरवा पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है। उसे संगठन में सब-जोनल कमेटी (एसजेडीएम) स्तर का सदस्य बताया गया है।
राजू भुइयां पर भी पांच लाख का इनाम
गढ़वा के डंडई थाना क्षेत्र के लावाही निवासी राजू भुइयां पर भी पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक वह संगठन में सब-जोनल कमेटी स्तर पर सक्रिय रहा है।
अब बचे हुए इनामी माओवादियों पर नजर
लगातार अभियान, गिरफ्तारियों और आत्मसमर्पण के बाद झारखंड में माओवादी संगठन की स्थिति पहले की तुलना में कमजोर हुई है। सुरक्षा एजेंसियां अब बचे हुए प्रमुख इनामी माओवादियों की तलाश में अभियान चला रही हैं। खास तौर पर लातेहार, पलामू, गढ़वा और आसपास के इलाकों में इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य बचे हुए नेतृत्व और संगठन के नेटवर्क को भी समाप्त करना है।