द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में JPSC और JSSC में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर उग्र हो रहे छात्र आंदोलन को कांग्रेस ने गंभीरता से लिया है। शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अध्यक्षता में हुई ऑनलाइन बैठक में प्रदेश प्रभारी के राजू, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, इरफान अंसारी और राधाकृष्ण किशोर के अलावा बंधु तिर्की, शहजादा अनवर और विधायक राजेश कच्छप शामिल हुए। छात्र की मांग के प्रति सहानुभूति रखते हुए तय किया गया कि कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलेगा। उनसे जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक सुधार की मांग और दोषियों को दंडित करने की मांग रखेगा।

कांग्रेस के लिए बीच का रास्ता निकालना जरूरी
मालूम हो कि जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन का समर्थन करने वाली कांग्रेस के झारखंड के छात्र आंदोलन पर मौन रहने के कारण कई तरह के सवाल उठने लगे थे। खास कर भाजपा इसको लेकर कांग्रेस को लगातार घेर रही है। इस कारण कांग्रेस के लिए बीच का रास्ता निकालना जरूरी हो गया था। हालांकि बंधु तिर्की ने पहले ही प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिख कर सुझाव दिया था। उसमें दोनों संस्थाओं द्वारा ली गयी प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच कराने और पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से मिलने का सुझाव दिया था।
