रांची
झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने कांग्रेस और राज्य की गठबंधन सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को तत्काल झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए। उनका यह बयान कांग्रेस कोटे के मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा अधिकारियों के रवैये को लेकर लगातार पत्र लिखे जाने और जताई जा रही नाराजगी के संदर्भ में आया है।

कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा
द फॉलोअप से बातचीत में योगेंद्र साव ने कहा कि झारखंड में ऐसी स्थिति बन गई है, जहां अधिकारी जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों की बात नहीं सुनते, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब सरकार के मंत्री ही अपनी बात मनवाने के लिए पत्र लिखने को मजबूर हों, तो यह शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
योगेंद्र साव ने कहा कि वह जल्द ही नई दिल्ली जाकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे और उन्हें झारखंड कांग्रेस की मौजूदा स्थिति से अवगत कराएंगे। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और कुछ नेताओं की कार्यशैली के कारण पूरी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को झारखंड में खुद को मजबूत करना है, तो उसे जेएमएम से अपना समर्थन वापस लेने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
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विस्थापितों के मुद्दों पर सरकार अबतक गंभीर नहीं
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने रामगढ़ और हजारीबाग में कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर बिल्कुल गंभीर नहीं है। कांग्रेस के जमीनी स्तर के कार्यकर्ता लगातार लोगों के बीच रहकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी मेहनत का कोई परिणाम नहीं दिख रहा। उन्होंने कहा कि प्रभावित ग्रामीण वर्षों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, फिर भी उनकी समस्याओं और मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इससे लोगों में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।