द फॉलोअप, रांची
भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कांग्रेस और झामुमो से परिसीमन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। बाउरी ने कहा कि 2008 में जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, उस समय जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा सीटों का परिसीमन किया गया था। इसके लिए कांग्रेस सरकार ने 84वां संविधान संशोधन किया था। उन्होंने कहा कि उस समय लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी परिसीमन समिति के प्रस्ताव का समर्थन किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस ने उस समय जनसंख्या के आधार पर सीटों का बंटवारा किया था, तो आज भाजपा की ओर से 50 फीसदी सीट बढ़ाने के प्रस्ताव का कांग्रेस विरोध क्यों कर रही है।

विधानसभा की सीटें 81 से बढ़ कर 121 हो सकती है, बढ़ेंगी एससी-एसटी की भी सीटें
प्रदेश महामंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 में ही वर्ष 2026 तक परिसीमन नहीं करने का प्रावधान किया गया था। अब यह अवधि समाप्त होने जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने सीटों में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। अमर बाउरी के मुताबिक, झारखंड में वर्तमान में 81 विधानसभा सीटें हैं। परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर करीब 121 हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। अमर बाउरी ने कहा कि परिसीमन के बाद झारखंड में आदिवासी समुदाय के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों की संख्या में करीब 14 सीटों की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटें भी करीब 14 बढ़ने का दावा उन्होंने किया। लोकसभा सीटों को लेकर उन्होंने कहा कि झारखंड में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या पांच से बढ़कर 10 और अनुसूचित जाति की सीट एक से बढ़कर दो हो सकती है।
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2008 के परिसीमन पर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग
बाउरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं का बड़ा लाभ जनजातीय समाज को मिला है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आदिवासी समाज को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाने का काम किया और द्रौपदी मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में कई गलतियां हुई है। देश का बंटवारा, 1984 का दंगा हुआ। 2008 में झारखंड में आदिवासी सीटों को कम करने का प्रयास हुआ। अमर बाउरी ने मीडिया के माध्यम से कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि भाजपा के 50 फीसदी सीट बढ़ाने के प्रस्ताव का कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा विरोध क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस मुद्दे पर झारखंड की जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से यह भी मांग की कि वर्ष 2008 में परिसीमन के दौरान झारखंड में आदिवासी सीटों को लेकर लिए गए फैसले के लिए पार्टी को राज्य की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
