सरायकेला-खरसावां:
सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी में एक आदिवासी युवती के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के मामले ने जिले में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी की रहने वाली अल्पना माहली के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर कपाली ओपी के प्रभारी सहित संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि 15 जून को युवती को पूछताछ के लिए कपाली ओपी बुलाया गया था, जहां उसे घंटों तक एक कमरे में रखा गया और उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। घायल युवती का इलाज फिलहाल एमजीएम अस्पताल, डिमना में चल रहा है।

एसटी समुदाय के अधिकारों के हनन का मामला
शिकायत में परिजनों ने घटना को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए कहा है कि एक आदिवासी महिला के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के अधिकारों का भी हनन है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की है।

घटना पर आदिवासी संगठनों में भारी आक्रोश
घटना की जानकारी सामने आने के बाद आदिवासी संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों में भी नाराजगी देखी जा रही है। कई संगठनों एवं समाज के अगवाई ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए।
विस्थापित नेता राकेश रंजन महतो ने स्पष्ट किया कि सिर्फ निलंबित तक ही सीमित नहीं होगा उचित कार्रवाई कर दोषियों को जेल भेजा जाय।

पुलिस प्रशासन ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता, महिला सुरक्षा और आदिवासी समुदाय के अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच के निष्कर्ष और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।