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वर्चस्व की जंग: दो अपराधियों के गुट में गैंगवार, रेलवे आवास में तोड़फोड़; गोलीबारी की अफवाह से दहशत

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द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा से सटे रेलवे नगरी चित्तरंजन के शांत माने जाने वाले आवासीय क्षेत्र में बुधवार की रात गैंगवार और हिंसा से दहल उठी। 21 नंबर स्ट्रीट स्थित रेलवे आवास क्षेत्र में दो कुख्यात और कई आपराधिक वारदातों के नामजद आरोपियों प्रीतम सिंह और साहेब के गुट आपस में भिड़ गए। इलाके में वर्चस्व को लेकर हुई इस हिंसक झड़प में जमकर मारपीट और तोड़फोड़ हुई। इसी बीच इलाके में गोली चलने की अफवाह उड़ गई, जिसने आग में घी का काम किया और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।​चश्मदीदों के अनुसार, यह घटना बुधवार रात करीब 9:30 बजे की है। प्रीतम सिंह और साहेब के बीच लंबे समय से इलाके में वर्चस्व को लेकर आपसी गुटबाजी चल रही थी। बुधवार की रात यह विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा। देखते ही देखते एक गुट के दर्जनों समर्थकों ने स्ट्रीट नंबर 21 स्थित साहेब के रेलवे आवास को निशाना बनाकर हमला बोल दिया। हमलावरों ने घर के बाहर जमकर उत्पात मचाया, वहां खड़ी मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया और खिड़की-दरवाजों पर ताबड़तोड़ प्रहार किए।


​गोलीबारी की अफवाह से घरों में दुबके लोग
​झड़प और तोड़फोड़ के दौरान ही अचानक पूरे इलाके में गोली चलने की बात सामने आई। हालांकि, पुलिस द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन इस अफवाह के कारण आसपास के निवासी बुरी तरह सहम गए। रात के सन्नाटे में हुई इस गुंडागर्दी के डर से लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए और पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। ​घटना की संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए चित्तरंजन थाना पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम तुरंत भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस के आते ही उपद्रवी तत्व वहां से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस मामले की गहन तफ्तीश में जुट गई है और घटनास्थल पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।


पुलिस प्रशासन का आधिकारिक बयान
दो पक्षों के बीच आपसी रंजिश और गुटबाजी के कारण झड़प और तोड़फोड़ की यह घटना हुई है। दोनों ही मुख्य आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया है। गोली चलने की अफवाह की भी गंभीरता से जांच की जा रही है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। कानून हाथ में लेने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
​चित्तरंजन जैसे सुरक्षित और शांत रेलवे आवासीय क्षेत्र में सरेआम हुई इस हिंसक वारदात ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रीतम सिंह और साहेब, दोनों पर पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन दोनों गुटों के बीच की रंजिश आए दिन किसी न किसी रूप में सामने आती रहती है, जिससे आम नागरिकों और रेल कर्मियों की सुरक्षा हमेशा खतरे में बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से इन अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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