चतरा:
चतरा जिले के मयूरहंड थाना क्षेत्र के करमा चौक स्थित एक मेडिकल हॉल में 18 माह के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने मेडिकल संचालक पर गलत दवा देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दवा देने के कुछ ही मिनट बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। वहीं, मेडिकल संचालक ने बच्चे के पानी से भरी बाल्टी में गिरने की बात कही है। घटना के बाद परिजनों ने करीब एक घंटे तक सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।

दवा देने के पांच मिनट बाद बिगड़ी बच्चे की तबीयत
मृतक बच्चे की पहचान चौरिया गांव निवासी विवान कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रविवार सुबह बच्चे को खांसी और बुखार की शिकायत पर करमा चौक स्थित मेडिकल हॉल लाया गया था। यहां मेडिकल संचालक अरुण कुमार दांगी ने बच्चे का इलाज किया और दवा दी। इसके बाद परिजन बच्चे को लेकर घर लौट गए। परिजनों का आरोप है कि घर पर दवा देने के करीब पांच मिनट बाद ही बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। वह बेचैन हो गया और घबराहट के दौरान बगल में रखी पानी से भरी बाल्टी में जा गिरा। इसके बाद परिजन बच्चे को लेकर दोबारा मेडिकल हॉल पहुंचे। वहां से उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन बच्चे की मौत हो गई।
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बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने किया सड़क जाम
बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने मेडिकल संचालक पर गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। आक्रोशित परिजनों ने करीब एक घंटे तक सड़क जाम कर आवागमन बाधित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी राहुल कुमार दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम हटवाया। बच्चे की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मेडिकल संचालक ने कहा- पानी में डूबा था बच्चा
मेडिकल संचालक अरुण कुमार दांगी ने परिजनों के आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि परिजन रविवार शाम करीब 3:30 बजे बच्चे को दोबारा लेकर उनके पास आए थे। उस समय परिजनों ने खुद बताया था कि बच्चा पानी में डूब गया है। संचालक के अनुसार, बच्चे का पेट फूला हुआ देखकर उन्होंने तत्काल उसे हजारीबाग रेफर कर दिया था। हालांकि, बाद में बच्चे की मौत हो गई।
पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की, फिर छोड़ा
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मेडिकल संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान संचालक ने पुलिस को एक ऑडियो क्लिप सुनाई। पुलिस के अनुसार, ऑडियो में बच्चे के बाल्टी में डूबने की बात कही जा रही थी। इसी आधार पर पुलिस ने फिलहाल मेडिकल संचालक को रिहा कर दिया। हालांकि, परिजन अब भी इस बात पर कायम हैं कि बच्चे की तबीयत दवा देने के बाद बिगड़ी थी। वे मौत की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी राहुल दुबे ने बताया कि बच्चे की मौत की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। परिजनों ने गलत दवा देने का आरोप लगाया है, जबकि मेडिकल संचालक का कहना है कि बच्चा पानी में डूबा था। ऐसे में बच्चे की मौत दवा के कथित असर से हुई या पानी में डूबने के कारण, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।