द फॉलोअप डेस्क
पलामू जिला के चतुर्थवर्गीय (4th Grade) भर्ती की तैयारी कर रहे छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल ने आज झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार एवं झारखंड के कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो जी से मुलाकात कर अपनी गंभीर समस्याओं एवं पीड़ा को भावुक स्वर में रखा। मुलाकात के दौरान छात्र बेहद व्यथित एवं भावुक दिखाई दिए। छात्रों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से नौकरी की आस में दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन कहीं से भी उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।

छात्रों ने विशेष रूप से जुलाई 2025 में जारी पलामू चतुर्थवर्गीय भर्ती विज्ञापन पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मैट्रिक के अंकों के आधार पर डायरेक्ट चयन की प्रक्रिया अपनाकर पलामू के गरीब, मेहनती और संघर्षशील छात्रों का हक मारा जा रहा है। छात्रों ने स्पष्ट रूप से यह मांग रखी कि चतुर्थवर्गीय भर्ती लिखित परीक्षा के माध्यम से कराई जाए, ताकि सभी वर्ग के छात्रों को समान अवसर मिल सके। अविनाश कुमार एवं कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो जी ने छात्रों के साथ बैठकर धैर्यपूर्वक उनका दुख-दर्द सुना और पूरी संवेदनशीलता के साथ छात्रों को आश्वस्त किया कि किसी भी छात्र का हक नहीं मारा जाएगा।
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इस अवसर पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पलामू चतुर्थवर्गीय भर्ती को लेकर नियमावली में आवश्यक संशोधन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। परीक्षा आधारित चयन प्रक्रिया को लेकर सकारात्मक निर्णय लेने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि वे इस विषय पर माननीय मुख्यमंत्री से स्वयं मुलाकात कर जानकारी देंगे। अधिकारियों ने छात्रों को यह भी आश्वासन दिया कि अति शीघ्र पलामू में चतुर्थवर्गीय भर्ती परीक्षा कराई जाएगी और छात्रों की जायज़ मांगों को पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। छात्रों ने सरकार के इस सकारात्मक रुख पर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यह निर्णय धरातल पर उतरता है, तो पलामू के हजारों गरीब और वंचित छात्रों को न्याय मिलेगा।
