बोकारो
सेक्टर-12 ई में क्वार्टर संख्या 1290 के अचानक जमींदोज होने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने जर्जर एवं असुरक्षित भवनों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने बीएसएल प्रबंधन को जांच रिपोर्ट के आधार पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। घटना की जांच के लिए चास की अनुमंडल पदाधिकारी प्रांजल ढांडा को जांच पदाधिकारी बनाया गया था। जांच रिपोर्ट 31 अगस्त को जिला प्रशासन को प्राप्त हुई, जिसके आधार पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत आवश्यक आदेश जारी किए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि जर्जर भवनों की नियमित तकनीकी जांच कर उन्हें समय रहते चिह्नित किया जाए। असुरक्षित पाए जाने वाले भवनों को खाली कराने के साथ उनकी मरम्मत अथवा आवश्यकता पड़ने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया
उन्होंने ऐसे भवनों पर स्पष्ट रूप से ‘असुरक्षित भवन’ का बोर्ड लगाने तथा वहां रहने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। बीएसएल प्रबंधन को पुराने भवनों के सर्वे के लिए स्पष्ट एसओपी तैयार करने को कहा गया है, ताकि जर्जर भवनों की पहचान और उनके रखरखाव को लेकर एक व्यवस्थित प्रक्रिया लागू की जा सके। इसके अलावा पुराने ओवरहेड टैंकों के स्थान पर वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 10 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। शहर में जलजमाव की समस्या को देखते हुए नालियों की प्रभावी सफाई 15 दिनों के भीतर कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं, बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा गया है।

आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी दुकान या प्रतिष्ठान पर तीन बार जुर्माना लगाने के बावजूद सुधार नहीं होता है तो दुकान को सील करने के साथ आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है। आदेशों का जमीनी स्तर पर अनुपालन और नियमित निगरानी सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया।

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