बोकारो
परिवार से बिछड़कर करीब तीन वर्षों से बालिका गृह में रह रही 12 वर्षीय रजनी कुमारी (परिवर्तित नाम) आखिरकार अपने परिवार के बीच लौटेगी। बाल कल्याण समिति, बोकारो के आदेश तथा ओडिशा पुलिस की ‘ऑपरेशन अन्वेषण’ टीम के समन्वित प्रयास से बच्ची के परिवार और गृह क्षेत्र का पता लगाने में सफलता मिली है। इसके बाद उसे उसके गृह राज्य ओडिशा ले जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। बच्चों को परिवार आधारित देखभाल और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूनिसेफ-सीसीआर-एनयूएसआरएल की ओर से बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) और बाल देखरेख संस्थाओं को तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है।

लापता बच्ची रूप में बोकारो में मिली
इसके तहत परिवार से बिछड़े बच्चों की पहचान, परिवार से पुनर्मिलन और विभिन्न संबंधित विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। रजनी वर्ष 2023 से धनबाद स्थित बालिका गृह में रह रही थी। वह लापता बालिका के रूप में बोकारो में मिली थी। मूल रूप से वह रायगढ़ा, ओडिशा की रहने वाली है। परिवार से बिछड़ने के बाद उसे बाल संरक्षण व्यवस्था के तहत बालिका गृह में रखा गया था। बच्ची के घर और परिजनों का पता लगाने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई, बोकारो और बाल कल्याण समिति की ओर से लगातार प्रयास किए गए, लेकिन लंबे समय तक सफलता नहीं मिल सकी। ओडिशा सरकार की पहल ‘ऑपरेशन अन्वेषण’ के तहत ओडिशा पुलिस की टीम झारखंड पहुंची। टीम ने बच्ची की पहचान और उससे संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया।
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अंतरराज्यीय समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण
इसके बाद बाल कल्याण समिति, बोकारो तथा संबंधित बाल संरक्षण तंत्र के सहयोग से बच्ची को उसके गृह राज्य ले जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। बाल कल्याण समिति, बोकारो की अध्यक्ष लीला देवी ने कहा कि बच्ची की घर वापसी को लेकर पहले भी काफी प्रयास किए गए थे। सभी के सम्मिलित प्रयास और ‘ऑपरेशन अन्वेषण’ के तहत हुए अंतरराज्यीय समन्वय से आखिरकार बच्ची के परिवार का पता चल सका और अब वह अपने घर लौट रही है। यह मामला परिवार आधारित देखभाल और अंतरराज्यीय समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। विभिन्न संस्थाओं और संबंधित विभागों के संयुक्त प्रयास से लंबे समय से परिवार से दूर रही बच्ची को अब अपने परिजनों के बीच लौटने का अवसर मिला है।