बोकारो
जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महज 12 घंटे के भीतर तीन लोगों से कुल 6.48 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार के पास पहुंचे हैं। पीड़ितों में चास के कुंवर सिंह कॉलोनी निवासी शशिरंजन, पिंड्राजोरा निवासी बहादुर महतो और कैंप टू निवासी मनीष कुमार सिंह शामिल हैं। मनीष कुमार होमगार्ड के जवान हैं। मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि शशिरंजन से सबसे अधिक 5.95 लाख रुपये की ठगी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से 2.74 लाख रुपये होल्ड करा दिए हैं। डीएसपी के अनुसार, यह राशि जल्द ही पीड़ित को वापस मिलने की उम्मीद है। डीएसपी ने बताया कि शशिरंजन की ट्रेन में एक व्यक्ति से मुलाकात हुई थी। बातचीत के दौरान उक्त व्यक्ति ने अपने बेटे के अस्पताल में भर्ती होने की बात बताकर सहानुभूति हासिल की। इसके बाद उसने नेटवर्किंग आदि से जुड़ी कुछ बातें समझाने की कोशिश की। इसी दौरान शशिरंजन उसके झांसे में आ गए और उनके खाते से 5.95 लाख रुपये निकल गए।

पेटीएम के माध्यम से 29,298 रुपये की निकासी
दूसरे मामले में पिंड्राजोरा निवासी बहादुर महतो के खाते से पेटीएम के माध्यम से 29,298 रुपये की निकासी की गई। वहीं, तीसरी घटना कैंप टू निवासी होमगार्ड जवान मनीष कुमार सिंह के साथ हुई। उनके साथ 29 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई। डीएसपी ने बताया कि ठगी की रकम जिस खाते में गई है, वह खाता पूजा ठाकुर के नाम से दर्ज है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि लोग अनजान लोगों की बातों पर भरोसा करने से बचें। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी की घटना होती है तो बिना देर किए पुलिस से संपर्क करें, ताकि रकम को तत्काल होल्ड कराने की कार्रवाई की जा सके। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से शशिरंजन के मामले में 2.74 लाख रुपये होल्ड कराए गए हैं। पुलिस का प्रयास है कि ठगी की रकम को जल्द से जल्द पीड़ितों को वापस कराया जा सके।

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