रांची
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा के बड़ा तालाब स्थित आवास पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों का हाल जाना और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। मुलाकात के बाद आदित्य साहू ने कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के राजीव रंजन मिश्रा की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि झारखंड में प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर हो गई है और सत्ता का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है।

विपक्ष को कमजोर करने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग
आदित्य साहू ने कहा कि राजीव रंजन मिश्रा लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं। राजधानी रांची में किसी भी सामाजिक या जनहित के कार्यक्रम में वह हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति की सार्वजनिक छवि साफ-सुथरी और बेदाग रही हो उसे राजनीतिक कारणों से निशाना बनाना गलत है। उन्होंने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने और विपक्ष को कमजोर करने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

निष्पक्ष जांच की मांग- साहू
आदित्य साहू कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर कोई आरोप है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए लेकिन बिना ठोस सबूत किसी को अपराधी की तरह पेश करना उचित नहीं है। आदित्य साहू ने कहा कि जानकारी के अनुसार जिस व्यक्ति की तलाश थी, उसे पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। इसके बावजूद राजीव रंजन मिश्रा और उनके पुत्र पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि केवल किसी स्थान पर मौजूद रहने या किसी के बुलावे पर वहां पहुंचने के आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।
भाजपा की छवि खराब करने की मंशा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा की छवि खराब करने के उद्देश्य से एक सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि भाजपा अन्याय, राजनीतिक प्रताड़ना और दमन के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी। साथ ही सरकार से मांग की कि इस कार्रवाई को वापस लिया जाए, निष्पक्ष जांच कराई जाए और राजीव रंजन मिश्रा को जल्द रिहा किया जाए।