रांची
कहते हैं कि अगर इरादे नेक हों और मेहनत में ईमानदारी, तो आसमान की बुलंदियों को छूना नामुमकिन नहीं है। इस बात को सच कर दिखाया है रांची की होनहार बेटी भव्या रंजन ने। सीबीएसई 12वीं (आर्ट्स स्ट्रीम) की परीक्षा 2026 में 99.8% अंक प्राप्त कर भव्या न केवल अपने स्कूल और शहर की शान बनी हैं, बल्कि अब तक के आंकड़ों के अनुसार उन्हें नेशनल टॉपर माना जा रहा है। ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की इस छात्रा ने इंग्लिश, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस और पेंटिंग जैसे कठिन विषयों में 100 में से 100 अंक लाकर अपनी बेहतरीन योग्यता साबित की है। भव्या की इस ऐतिहासिक सफलता ने पूरे झारखंड को राष्ट्रीय पटल पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि के पीछे घंटों की गिनती वाली पढ़ाई नहीं, बल्कि 'प्रोडक्टिव स्टडी' और अनुशासन की अनूठी कहानी छिपी है। आइए जानते हैं, सिविल सर्विसेज का सपना देखने वाली इस मेधावी छात्रा की सफलता का मंत्र और उनके परिवार की खुशी का माहौल है।
भव्या की पढ़ाई का तरीका
भव्या बताती है कि उन्होंने कभी पढ़ाई को घंटो में नहीं बांधा है। उनका पूरा फोकस उनका पूरा फोकस “प्रोडक्टिव स्टडी” पर रहता था। उन्होंने कहा कि नियमित पढ़ाई, सही रणनीति और खुद पर भरोसा उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत रही। भव्या ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों को दिया। भव्या ने बताया कि स्कूल के शिक्षकों का उन्हें हर कदम पर सहयोग मिला। परीक्षा की तैयारी के दौरान जब भी किसी विषय में परेशानी हुई, शिक्षकों ने उसे दूर करने में मदद की। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना भी जरूरी होता है और इसी वजह से उन्होंने कभी दबाव महसूस नहीं किया।
माता-पिता ने बताया सफलता का राज
भव्या की मां विकी गांधी ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में शिक्षिका हैं और पिता राजीव रंजन व्यवसायी हैं। भव्या हमेशा से पढ़ाई में अव्वल रही हैं और उन्होंने लगातार 1 से 12वीं तक टॉप किया है। राष्ट्रीय स्तर पर टॉपर बनने पर परिवार बहुत खुश है। मां ने बताया कि उन्हें अच्छे अंकों की उम्मीद थी, लेकिन इतना बड़ा रिजल्ट अप्रत्याशित था। पिता ने कहा कि बच्चों को सही समय और समर्थन देना जरूरी है। स्कूल की अकादमिक डायरेक्टर सिम्मी मेहता ने भी भव्या की उपलब्धि पर गर्व जताया और इसे पूरे संस्थान के लिए गौरव का क्षण बताया।