द फॉलोअप डेस्क
JPSC में चल रही जांच को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि जेपीएससी में चल रही सीआईडी जांच शराब घोटाले की जांच की तरह ही महज एक दिखावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि असली मास्टरमाइंड तक जांच की आंच नहीं पहुंचने दी जा रही है और जांच के नाम पर सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा नियंत्रक और अन्य लोगों को हिरासत में लेना केवल लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है।
आज मुझे बताया गया की जेपीएससी में जाँच ये शराब घोटाले के तरह ही छलावा है। असली मास्टरमाइंड तो मुख्यमंत्री आवास में बैठा है।
— Babulal Marandi (@yourBabulal) July 22, 2026
सीआईडी किस तरह से कारवाई करती है, यह भी सर्वविदित है। जांच की बजाय सबूतों को नष्ट करने का प्रयास कर रही है, ताकि मुख्यमंत्री तक जांच की आंच न पहुंचे। JPSC…

बाबूलाल ने लगाए गंभीर आरोप
बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार में हिम्मत है तो जेपीएससी अध्यक्ष एल ख्यांगते को भी हिरासत में लेकर जांच की जाए। मरांडी ने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार ने उन्हें मुख्य सचिव के पद पर सेवा विस्तार देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे केंद्र ने स्वीकार नहीं किया।

CBI जांच की मांग दोहराई
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि झारखंड के छात्रों के साथ अन्याय बंद होना चाहिए और दिखावटी जांच से सच्चाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने मांग की कि जेपीएससी से जुड़े पूरे प्रकरण और जेपीएससी अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराई जाए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और राज्य के युवाओं को न्याय मिल सके।