द फॉलोअप, रांची
प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति के लिए अविलंब बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए आपकी अध्यक्षता में बैठक हुई थी। उस बैठक में मंत्री हफीजुल हसन भी उपस्थित थे। इस बैठक में मैंने मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति की चर्चा की थी। आपने विश्वास दिलाया था कि मुख्य सूचना आयुक्त की जल्द से जल्द नियुक्ति कर ली जाएगी। पर सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बाद भी मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इस कारण सूचना आयुक्तों की नियुक्तियों का लाभ राज्य के नागरिकों को नहीं मिल रहा है।

बाबूलाल मरांडी ने पत्र में आगे लिखा है कि आपके आश्वासन पर विश्वास पर ही उन्होंने सूचना आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी अनुशंसा पर सहमति दी थी। प्रस्ताव पर स्वीकृति दी थी। यदि उन्हें इसकी जानकारी होती कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को इस तरह लंबित रखी जाएगी, तो वह अपनी स्वीकृति नहीं देते। प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं करते। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय में दायर पीआईएल पर अपना पक्ष रखा था। जल्द से जल्द राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया पूरी किए जाने और सूचना आयोग को कार्यशील बनाए जाने का आश्वासन दिया गया था। इसी आश्वासन के बाद हाईकोर्ट ने याचिका निष्पादित कर दी थी। यहां मालूम हो कि द फॉलोअप ने भी 8 सितंबर को मुख्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति नहीं हो पाने से जुड़ी खबर प्रकाशित की थी। उसमें बताया था कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के 70 दिन बाद भी आयोग में किसी अपील पर सुनवाई नहीं शुरू हो पायी है। 25 हजार से अधिक मामले आयोग में लंबित हैं।
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