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दर दर की ठोकरें खा रहे हैं सम्मान जनक सेवा में रहने के लिए सहायक पुलिसकर्मी

दर दर की ठोकरें खा रहे हैं सम्मान जनक सेवा में रहने के लिए सहायक पुलिसकर्मी

द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
सहायक पुलिसकर्मी आज सम्मानजनक सेवा में बने रहने के लिए दर दर की ठोकरें खा रहे हैं। पिछले तीन दिनों में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, भू-राजस्व एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और विधायक सुखराम उरांव से मिल चुके हैं। अपनी पीड़ा बयां कर चुके हैं। लेकिन मंत्री और विधायकों के स्तर पर इन्हें ठोस आश्वासन नहीं मिलने से ये चिंतित, उदास और परेशान हैं। मंत्रियों के स्तर पर इन्हें इनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने भर का मौखिक आश्वासन भर मिला है। जबकि इनकी सेवा अवधि समाप्त हो चुकी है। आगे इनको सेवा विस्तार मिलेगा या नहीं,इसको लेकर हलकान हैं। क्योंकि अचानक सेवा से बाहर कर दिए जाने पर, इनकी और इनके परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा, यह सबसे बड़ा दुखद पहलू है। 22 सितंबर को सहायक पुलिसकर्मियों का प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्री और 24 सितंबर को दीपक बिरुआ, चमरा लिंडा, सुखदेव भगत, मथुरा महतो, और सुखराम उरांव से मुलाकात की है।


क्या है पूरा मामला
तत्कालीन रघुवर दास की सरकार में 2017 में राज्य के 12 जिलों में लगभग 2500 सहायक पुलिसकर्मियों की संविदा पर नियुक्ति की गयी। सेवा शर्त में तीन वर्ष के बाद इन्हें एक-एक वर्ष का सेवा विस्तार देने की बात कही गयी। मानदेय की राशि 10 हजार रुपए निर्धारित की गयी। सेवा शर्त और मानदेय में बढोत्तरी को लेकर सहायक पुलिसकर्मियों द्वारा 2020, 2021 और 2024 में आंदोलन भी किया गया। 2024 के आंदोलन के बाद सरकार के साथ हुए समझौते में इनके मानदेय में तीन हजार रुपए की वृद्धि की गयी। साथ ही वर्दी भत्ता के रूप में 4 हजार रुपए की अतिरिक्त राशि देने की शुरुआत हुई। साथ ही एक एक साल का सेवा विस्तार दिया जा रहा। लेकिन अलग अलग जिलों में कार्यरत सहायक पुलिसकर्मियों का कार्यकाल 8-30 अगस्त के बीच समाप्त हो गया है। हालांकि दया और सहानुभूति की वजह से 11 जिलों में ये कार्यरत हैं। दुमका में इन्हें सेवा से हटा दिया गया है। स्थिति विकट है। सहायक पुलिसकर्मियों का कहना है कि अब उनका और उनके परिवार का भविष्य मुख्यमंत्री के निर्णय पर ही निर्भर है।


 

Tags - Assistant police personnel Jharkhand service extension hopes pinned on the decision Chief Minister