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गढ़वा में जंगली हाथी ने ली एक और जान, वन विभाग पर लापरवाही का आरोप; ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

गढ़वा में जंगली हाथी ने ली एक और जान, वन विभाग पर लापरवाही का आरोप; ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

गढ़वा 

गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र निवासी अन्नति यादव की रविवार सुबह जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, अन्नति यादव रोज की तरह रविवार सुबह भैंस चराने के लिए कुसुमदामर जंगल की ओर गए थे। सुबह करीब 6 बजे वह जंगली हाथी की चपेट में आ गए। हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि भैंस के घर लौटने के बाद जब अन्नति यादव घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। जंगल में पहुंचने पर परिजनों को उनकी मौत की जानकारी मिली। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।

वन विभाग पर लापरवाही और महज खानापूर्ति करने का आरोप

ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही और महज खानापूर्ति करने का आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी जताई। स्थानीय समाजसेवी मोहम्मद फरीद ने कहा कि क्षेत्र में हाथियों के हमले से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन लोगों पर हाथियों के हमले की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। घटना के बाद काफी देर तक वन विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि हाथियों को जल्द क्षेत्र से नहीं भगाया गया तो वे आंदोलन करने और चिनिया मुख्यालय में चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।

मुख्य सड़क जाम कर दी 

इसके बाद वन विभाग की टीम और चिनिया थाना प्रभारी विकु कुमार रजक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा भेजने की तैयारी की, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को वाहन समेत चिनिया थाना मोड़ के पास रोक दिया और मुख्य सड़क जाम कर दी। इस दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग और डीएफओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। सड़क जाम होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और मौके पर सैकड़ों ग्रामीण जुट गए। काफी समझाने-बुझाने और आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटा लिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

Tags - Garhwa Police Wild Elephant Attack Human-Elephant Conflict Forest Department