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जामताड़ा : आदिवासी नेता सुरेश मुर्मू के घर हुई आगजनी के मामले आरोपी की गिरफ्तारी न होने से आक्रोश, थाने में धरने पर बैठे ग्रामीण

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द फॉलोअप डेस्क

एक महीने पहले आदिवासी नेता सुरेश मुर्मू के घर हुई आगजनी के मामले में पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट होकर आज भारी संख्या में आदिवासी समाज के लोग जामताड़ा थाना पहुंचे। आक्रोशित लोगों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाना परिसर में ही धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे थाने से हटने वाले नहीं हैं। ​बीती 15 फरवरी की रात असामाजिक तत्वों ने आदिवासी नेता सुरेश मुर्मू के घर को निशाना बनाते हुए आग लगा दी थी। इस घटना में मुर्मू की लाखों की संपत्ति जलकर खाक हो गई थी। बताया जा रहा है कि सुरेश मुर्मू समाज में नशा मुक्ति और कुरीतियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चला रहे हैं, जिससे नाराज होकर असामाजिक तत्वों ने इस घटना को अंजाम दिया।

​बहन का आरोप: "चार बार लगा चुके चक्कर"

​पीड़ित की बहन ने मीडिया से बात करते हुए अपना दर्द साझा किया। उन्होंने बताया कि न्याय के लिए वे अब तक चार बार थाने के चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी टालमटोल वाली कार्यप्रणाली से तंग आकर आज समाज को सड़कों पर उतरना पड़ा। पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति ​आंदोलन के दबाव के बीच, समाज के प्रतिनिधियों ने जामताड़ा समाहरणालय पहुंचकर एसपी (SP) को एक ज्ञापन भी सौंपा।

ताजा जानकारी के अनुसार- ​पुलिस ने सुरेश मुर्मू को फोन पर धमकी देने वाले एक आरोपी, महादेव (निवासी नारायणपुर) को हिरासत में लिया है। वर्तमान में जामताड़ा थाना में उससे पूछताछ की जा रही है। ​समाज के लोगों ने कहा है कि  "हम यहां बैठने नहीं, न्याय लेने आए हैं। जब तक दोषी सलाखों के पीछे नहीं होगा, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।" ​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाने में भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।