द फॉलोअप, रांची
झारखंड में पेपर लीक और JPSC परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि संसद से एंटी पेपर लीक बिल पारित हो चुका है और प्रधानमंत्री युवाओं से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन झारखंड में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के बावजूद सरकार दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया, जबकि राज्य सरकार ने अपनी गलतियों को छिपाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि CGL की तरह JPSC मामले में भी केवल खानापूर्ति की जा रही है। उनका दावा है कि 22 जुलाई को JPSC घेराव की घोषणा के बाद CID की कार्रवाई कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं में व्यापक अनियमितताएं हुई हैं और सभी विवादित परीक्षाओं की CBI से जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही परीक्षा रद्द कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।

जेपीएससी मामले पर चुप्पी साध रखी है
पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य का शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए इसकी जवाबदेही भी उन्हीं की है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए कहा कि उसी नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री को भी पद छोड़ना चाहिए। अमर बाउरी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने NEET मामले पर मुखर होकर आवाज उठाई, लेकिन झारखंड के JPSC विवाद पर चुप्पी साध रखी है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल सहित विपक्ष के किसी बड़े नेता ने JPSC मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा कि झारखंड का युवा अब निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है और भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है।
