द फॉलोअप डेस्क, रांची:
झारखंड के गोड्डा जिला अंतर्गत बसंतराय प्रखंड के 4 पोलिंग बूथों पर सुनियोजित साजिश के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं का नाम हटाने की कोशिश का आरोप भाजपा के बूथ लेवल एजेंट (BLA) पर लगा है। महेशटिकरी में बूथ लेवल ऑफिसर (BL0) अनीशा बानो और पचुआ किता के BLO मुख्तार ने यह दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी के बूथ लेवल एजेंट उनके पास फॉर्म-7 लेकर आए थे, जिनमें तकरीबन सभी फॉर्म में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं का नाम था। दरअसल, द इंडियन एक्सप्रेस हिंदी ने अपनी एक रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है।

महेश टिकरी गांव में 25 फॉर्म-7 लाए गये थे
द इंडियन एक्सप्रेस हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक महेश टिकरी पोलिंग बूथ में BLO अनीशा बानो ने बताया कि भाजपा के BLA उनके पास 25 फॉर्म-7 लाए थे। अनीशा बानो का दावा है कि ये सभी फॉर्म अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं से जुड़े थे। बकौल अनीशा बानो, भाजपा के BLA ने तर्क दिया कि ये सभी नाम मतदाता सूची से इसलिए हटाए जाने चाहिए, क्योंकि ये लोग अब इस गांव में नहीं रहते। अनीशा बानो का कहना है कि पहले उन्होंने 25 फॉर्म स्वीकार कर लिया था, लेकिन फिर बसंतराय के प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रीमन मरांडी ने उन्हें ऐसे आवेदनों पर सतर्कता से कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
अनीशा बानो का दावा है कि भाजपा के BLA जो 25 फॉर्म-7 लाए थे, उन सभी मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में भी दर्ज है। उनका कहना है कि आपत्ति जताने पर BLA सभी फॉर्म वापस ले गये।
पूर्व भाजपा विधायक का नाम आया सामने
द इंडियन एक्सप्रेस हिंदी ने अपनी रिपोर्ट में दावा है कि जब उन्होंने संबंधित बूथ लेवल एजेंट से इस संबंध में बातचीत की तो उन्होंने दावा किया कि गोड्डा विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व विधायक अमित मंडल ने उनको 25 फॉर्म-7 उपलब्ध कराया था और निर्देश दिया था कि यदि BLO इन्हें स्वीकार नहीं करें तो वापस ले आना। वहीं, अमित मंडल का कहना है कि BLA को फॉर्म-6 और फॉर्म-7 को लेकर प्रशिक्षित किया गया है। गड़बड़ियों पर आपत्ति दर्ज कराना उनका अधिकार है।
अमित मंडल ने कहा कि BLA द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति को सार्वजनिक करके BLO अनीशा बानो ने नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने इस प्रकरण को रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट का उल्लंघन बताया और कड़ा विरोध जताया।
पचुआ किता में 75 फॉर्म-7 लाया बूथ लेवल एजेंट
रिपोर्ट में पचुआ किता के बूथ पर भी ऐसी ही साजिश की बात कही गई है। द इंडियन एक्सप्रेस हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक पचुआ किता के बूथ लेवल ऑफिसर मुख्तार ने बताया कि उनके पास एक व्यक्ति 75 फॉर्म-7 लेकर आया था। बकौल मुख्तार, उस व्यक्ति ने जोकि कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी का बूथ लेवल एजेंट है, उनसे कहा कि ये नाम मतदाता सूची में जुड़वाने हैं। मुख्तार का कहना है कि उन्होंने BLA को बताया कि ये नाम जुड़वाने नहीं, बल्कि हटवाने का फॉर्म है। मुख्तार के मुताबिक इतना बताते ही उस व्यक्ति ने सभी 75 फॉर्म उनके सामने ही जला दिए।
द इंडियन एक्सप्रेस हिंदी के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति से बातचीत करने पर सामने आया कि उसे ये फॉर्म भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुहैया करवाया था। रिपोर्ट के मुताबिक उस शख्स ने दावा किया कि वह ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है और उसे ये फॉर्म BLO तक पहुंचाने के लिए भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कहा था।
इस बीच बसंतराय के प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रीमन मरांडी ने बताया कि उन्हें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के रूप में महेशटिकरी, पचुआ किता, लोचनी और बघाकोल से शिकायत मिली है। उनका कहना है कि मामले की जांच करने के बाद रिपोर्ट सौंपी जायेगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा गलत नहीं!
इसी रिपोर्ट में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रविकुमार ने द इंडियन एक्सप्रेस को यह बताया कि फॉर्म-7 जमा करके आपत्ति दर्ज कराना अवैध या अपराध नहीं है। कोई भी आपत्ति दर्ज करा सकता है। के रवि कुमार ने कहा कि BLO खुद इन आपत्तियों को खारिज नहीं कर सकते, बल्कि यदि उन्हें कुछ संदिग्ध लगे तो AERO को जानकारी देनी चाहिए।
भाजपा ने साहिबगंज-गोड्डा में गड़बड़ी का दावा किया
इसी बीच झारखंड में भाजपा के एसआईआर संयोजक राकेश प्रसाद ने अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर साहिबगंज और गोड्डा जिले में एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाये थे। भाजपा ने आरोप लगाया कि BLA ने उनकी आपत्ति को स्वीकार नहीं किया। भाजपा ने साथ ही सवाल उठाया कि BLO अनीशा बानो ने उनके BLA द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को सार्वजनिक कैसे किया। भाजपा ने BLA को धमकाने और उनपर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
इस प्रकरण पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी पर BLA के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं का नाम सूची से हटाने की कोशिश का आरोप लगाया है।
एसआईआर की प्रक्रिया में फॉर्म-7 की भूमिका क्या!
गौरतलब है कि झारखंड में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। बीते 5 अगस्त को नई मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया गया। मसौदा सूची में 16.45 फीसदी यानी करीब 43 लाख मतदाताओं का नाम काटा गया है। इस पर दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है जो 4 सितंबर तक चलेगी। गौरतलब है कि एसआईर की प्रक्रिया में फॉर्म-6 मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए है। फॉर्म-7 के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए जाते हैं जिसके 4 आधार पर हैं, मसलन- यदि किसी ने पता बदल लिया हो, किसी की मृत्यु हो गई हो, किसी का नाम 2 बार दर्ज हो गया हो मतदाता मौजूद ना हो। विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण में फॉर्म-8 का इस्तेमाल सुधार के लिए किया जाता है।