द फॉलोअप, रांची
14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच आजसू पार्टी ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि परीक्षा संचालन से जुड़े घटनाक्रम, आयोग में हुए बदलाव और जांच एजेंसियों की सक्रियता ने अभ्यर्थियों के बीच कई तरह की आशंकाएं पैदा कर दी हैं। ऐसे में सरकार को पारदर्शिता दिखाते हुए परीक्षा रद्द कर पूरे मामले की सीबीआई से जांच करानी चाहिए।

जेपीएससी अध्यक्ष का इस्तीफा, जांच से मामला संदेह के घेरे में
हरमू स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक डॉ. लम्बोदर महतो और मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि परीक्षा कराने वाली निजी एजेंसी को लेकर पहले भी विभिन्न राज्यों में सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी एजेंसी को जिम्मेदारी दिए जाने जेपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे और आयोग कार्यालय में हुई जांच कार्रवाई ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम और चयन प्रक्रिया से जुड़े कई सवालों पर अब तक स्पष्ट जवाब नहीं मिला है जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हुआ है।
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सीबीआई जांच ही उचित विकल्प
आजसू नेताओं ने कहा कि सरकार आयोग और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की प्रशासनिक या वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य स्तर की जांच से निष्पक्षता को लेकर संदेह बना हुआ है इसलिए सीबीआई जांच ही उचित विकल्प है।