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झारखंड पुलिस एसोसिएशन : 8 सितंबर से आंदोलन, 5 अक्टूबर से सामूहिक अवकाश का एलान

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द फॉलोअप, रांची
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने पुलिसकर्मियों के मान-सम्मान और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर आंदोलन की घोषणा की। आंदोलन की शुरुआत 8 सितंबर से होगी। मांगें पूरी नहीं होने पर 5 से 10 अक्टूबर तक छह दिनों के सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी दी गई है। एसोसिएशन ने हाल के दिनों में पुलिसकर्मियों के साथ कथित गाली-गलौज, मारपीट, धमकी और सरकारी काम में हस्तक्षेप की घटनाओं पर नाराजगी जताई है। धनबाद के बरवाअड्डा थाना मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों पर दर्ज प्राथमिकी को लेकर भी एसोसिएशन ने सरकार से कार्रवाई की मांग की है।

चार चरणों में होगा आंदोलन

8 से 11 सितंबर: पुलिसकर्मी वर्दी पर काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करेंगे।
19 सितंबर: सामूहिक उपवास किया जाएगा। इस दौरान पुलिस केंद्र, थाना और ओपी के मेस बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
24 सितंबर: जिला और इकाई स्तर पर एसपी अथवा समादेष्टा कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। केंद्रीय पदाधिकारी डीजीपी कार्यालय के सामने धरना देकर ज्ञापन सौंपेंगे।
5 से 10 अक्टूबर: मांगें पूरी नहीं होने पर छह दिनों का सामूहिक अवकाश लिया जाएगा।

एसोसिएशन ने कहा कि आंदोलन के दौरान आम जनता को होने वाली असुविधा के लिए संगठन खेद व्यक्त करता है।

नौ सूत्री मांगों को लेकर सरकार पर दबाव

पुलिस एसोसिएशन ने सरकार के सामने नौ सूत्री मांगें रखी हैं। इनमें बरवाअड्डा मामले में आरोपी विधायक की नियमानुसार जल्द गिरफ्तारी, वर्दी एवं राशन भत्ता बढ़ाने और सातवें वेतनमान के अनुरूप विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण की मांग प्रमुख है। इसके अलावा दो बच्चों के लिए शिक्षा भत्ता और स्वास्थ्य भत्ता, 10 वर्ष से अधिक समय से एक ही जिले या इकाई में पदस्थापित पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण, समय पर पदोन्नति और पुलिस के काम में जनप्रतिनिधियों के अनैतिक हस्तक्षेप को रोकने के लिए कानून बनाने की मांग भी शामिल है।

जयराम महतो के बयानों पर पुलिस एसोसिएशन नाराज

प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने आरोप लगाया कि विधायक जयराम महतो ने संगठन को निशाना बनाते हुए अभद्र और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि संगठन के खिलाफ दिए गए बयानों को लेकर जरूरत पड़ने पर न्यायालय का रास्ता भी अपनाया जाएगा। राहुल कुमार मुर्मू ने कहा कि झारखंड पुलिस एसोसिएशन का इतिहास वर्ष 1920 से शुरू हुआ है और विधायक को संगठन के इतिहास की जानकारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन अपने सम्मान के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।उन्होंने यह भी कहा कि एसएसपी धनबाद को पांच दिनों का अल्टीमेटम दिया गया था कि मामले में आरोपी विधायक को गिरफ्तार किया जाए, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे पुलिस एसोसिएशन में नाराजगी है।

थाना प्रभारी दोषी हैं तो उन पर भी हो कार्रवाई

एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बरवाअड्डा मामले में थाना प्रभारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन किसी गलत कार्रवाई का समर्थन नहीं करता। वहीं, राकेश पांडेय ने कहा कि विधायक को यह समझना चाहिए कि पुलिसकर्मी हर जगह मौजूद हैं और उनके साथ चलने वाले कई लोग भी पुलिसकर्मी हैं। ऐसे में झारखंड पुलिस एसोसिएशन या उसके सदस्यों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने विधानसभा में जूता-चप्पल उठाकर विरोध करने के तरीके पर भी सवाल उठाया और कहा कि जनप्रतिनिधियों को सदन और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।

सरकार से वार्ता की अपील

एसोसिएशन ने सरकार से अपने प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर नौ सूत्री मांगों का समाधान करने की अपील की है। साथ ही संगठन ने संकेत दिया है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है। प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू के अलावा उपाध्यक्ष महताब आलम, संगठन सचिव मंटू कुमार, संयुक्त सचिव संतोष कुमार महतो, राकेश पांडेय और महामंत्री संजीव कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

Tags - Jairam Mahto Jharkhand Police Association agitation announcement