द फॉलोअप डेस्क
पिता दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म से निवृत होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार की रात लगभग साढे नौ बजे रांची पहुंचे। मालूम हो कि दिशोम गुरु का चार अगस्त को दिल्ली में निधन हो गया था। उसके बाद मुख्यमंत्री पिता के पार्थिव शरीर लेकर चार अगस्त की शाम दिल्ली से रांची पहुंचे थे। यहां पांच अगस्त को विधानसभा में गुरुजी को विधायकों, सांसदों, अधिकारियों, समर्थकों व आम लोगों द्वारा श्रद्धांजलि देने के बाद वह पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव नेमरा गए थे। वहां लगातार 13 दिनों तक श्राद्ध कर्म का नेम निष्ठा व विधि विधान से पालन करने के बाद 18 अगस्त की रात रांची लौटे। मुख्यमंत्री पांच अगस्त से लगातार नेमरा से ही प्रशानिक व्यवस्था पर नजर रख रहे थे। जरूरी फाइलों को निबटा रहे थे। इससे पहले वह 24 जून से गुरुजी के इलाज को लेकर दिल्ली में ही व्यस्थ थे।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मंगलवार को जमशेदपुर जा सकते हैं। वहां वह घोड़ाबांधा जाकर स्वर्गीय रामदास सोरेन के परिजनों से मिल सकते हैं। मालूम हो कि 16 अगस्त स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन का दिल्ली में निधन हो गया था। दो अगस्त को ब्रेन स्ट्रोक के बाद इलाज के लिए एयर लिफ्ट कर दिल्ली ले जाया गया था। अपोलो अस्पताल में 14 दिनों तक भर्ती रहने के बाद भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। चिकित्सक उन्हें बचा पाने में असफल रहे।
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