द फॉलोअप, देवघर:
राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। एक ओर जहां जसीडीह रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों को अग्निशमन और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया, वहीं दूसरी ओर बाबा बैद्यनाथ मंदिर और शिवगंगा क्षेत्र की सुरक्षा को देखते हुए ड्रोन, पैराग्लाइडिंग और हॉट एयर बैलून के संचालन पर रोक लगा दी गई है।

सुरक्षा कर्मियों को फायर सेफ्टी से जुड़ी जानकारियां दी गईं
जसीडीह रेलवे स्टेशन पर आयोजित विशेष सुरक्षा अभियान के दौरान आरपीएफ और अन्य सुरक्षा कर्मियों को फायर सेफ्टी से जुड़ी जानकारियां दी गईं। जिला अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने जवानों को आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल और आपातकालीन बचाव कार्यों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के बाद स्टेशन परिसर में मॉक ड्रिल कर सुरक्षा तैयारियों की जांच की गई। इस दौरान जवानों ने आग लगने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित निकालने, फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग और राहत-बचाव प्रक्रिया का अभ्यास किया। अधिकारियों ने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान जसीडीह रेलवे स्टेशन पर देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को पूरी तरह तैयार रखना जरूरी है।

बाबा मंदिर और शिवगंगा क्षेत्र नो फ्लाई जोन घोषित
श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ मंदिर और शिवगंगा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। देवघर अनुमंडल प्रशासन ने इन क्षेत्रों के आसपास ड्रोन, पैराग्लाइडिंग और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी रवि कुमार के आदेश के अनुसार, 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक देवघर अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत बाबा मंदिर और शिवगंगा क्षेत्र के आसपास का इलाका नो फ्लाई जोन रहेगा।
प्रशासन का कहना है कि अनधिकृत हवाई गतिविधियों से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और विधि-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका रहती है। प्रशासन ने बताया कि श्रावणी मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारू पूजा व्यवस्था और शांतिपूर्ण मेला संचालन के लिए सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।