रांची
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, रांची के कार्यकर्ताओं ने आज होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित वीसी सम्मेलन के दौरान उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राहुल पुरवार से मुलाकात की और विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में लागू किए गए क्लस्टर सिस्टम को तत्काल रद्द करने की मांग रखी. ABVP के प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने कहा कि क्लस्टर सिस्टम के कारण विद्यार्थियों को परीक्षा, नामांकन और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. प्रतिनिधिमंडल ने सचिव को बताया कि इस व्यवस्था से छात्रों का समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ रहा है. दूरस्थ परीक्षा केंद्रों के कारण विद्यार्थियों को आवागमन में कठिनाई होगी, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है.
सचिव बोले- समाधान के संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे
संगठन ने मांग की कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था को जल्द समाप्त किया जाए. इस पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राहुल पुरवार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और मामले पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान विभाग की प्राथमिकता है और इस संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
क्लस्टर सिस्टम नहीं हुआ रद्द तो होगा उग्र आंदोलन: ABVP
ABVP ने स्पष्ट कहा कि यदि इस छात्र-हित विरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो संगठन सड़क से सदन तक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा. उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षकों की कमी की स्थिति में सरकार फैकल्टी रोटेशन या डिजिटल वर्चुअल क्लासरूम जैसे विकल्पों पर विचार कर सकती है, ताकि छात्र अपने ही कैंपस में रहकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें. संगठन ने यह भी कहा कि शिक्षा के केंद्रीकरण से ग्रामीण और गरीब वर्ग के छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उन्हें उच्च शिक्षा से दूर करने की स्थिति बन सकती है. यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करेगी. मौके पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शुभम पुरोहित, दिशा दित्या, प्रदेश एसएफएस सह संयोजक रवि अग्रवाल, विभाग संयोजक उत्कर्ष तिवारी, महानगर मंत्री तुषार दुबे, कुमकुम गुप्ता, अंकित तिवारी, मिथलेश गुप्ता, दिव्यांशु झा, रितिका सहदेव, तेजस्वी यादव, हर्ष यादव, उज्जवल तिवारी, रोहित साहू, बिट्टू सिंह, पीयूष जायसवाल, आनंद कुमार, निखिल साहू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे.
