द फॉलोअप डेस्क, रांची:
CID ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में धांधली का किंगपिन अभय तिवारी उर्फ मनोज तिवारी अपने पिता को भी अधिकारी बनाना चाहता था। । JSSC-CGL परीक्षा में धांधली करके पत्नी और भाई को नौकरी दिलाने वाला अभय तिवारी पिता को भी झारखंड में सरकारी ऑफिसर बनाना चाहता था। कोर्ट में सौंपी रिपोर्ट में सीआईडी ने यह जानकारी दी है। उसमें बताया है कि अभय तिवारी के पिता सुखदेव तिवारी फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की पीटी परीक्षा और एसीएफ की परीक्षा में शामिल हुए थे। FRO की भर्ती परीक्षा में जहां सुखदेव तिवारी का रोल नंबर-24400147 था वहीं एसीएफ परीक्षा में उसका रोल नंबर 24300086 था। दोनों परीक्षाओं का आयोजन जेपीएससी के मातहत हुआ था और परीक्षाओं का संचालन TDPL ने किया था।

लेकिन सीआईडी की इस रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। द फॉलोअप ने अभय तिवारी के पैतृक गांव के लोगों से जब इसकी जानकारी ली तो पता चला कि अभय के पिता सुखदेव तिवारी का 2018 में ही निधन हो चुका है। फिर एसीएफ और एफआरओ की परीक्षा में वह कैसे शामिल हुए। अब सवाल है कि सीआईडी की रिपोर्ट किस आधार पर तैयार की गयी है। कहीं सुखदेव तिवारी नामक व्यक्ति कोई और तो नहीं है, जिसे सीआईडी ने अभय तिवारी का पिता मान कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। सीआईडी की इस रिपोर्ट से उसकी जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़ा हो गया है।
