द फॉलोअप डेस्क, रांची:
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में धांधली का किंगपिन अभय तिवारी उर्फ मनोज तिवारी अपने पिता को भी अधिकारी बनाना चाहता था। JSSC-CGL परीक्षा में धांधली करके पत्नी और भाई को नौकरी दिलाने वाला अभय तिवारी पिता को भी झारखंड में सरकारी ऑफिसर बनाना चाहता था। दरअसल, अभय तिवारी के पिता सुखदेव तिवारी फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की पीटी परीक्षा और एसीएफ की परीक्षा में शामिल हुए थे। FRO की भर्ती परीक्षा में जहां सुखदेव तिवारी का रोल नंबर-24400147 था वहीं एसीएफ परीक्षा में उसका रोल नंबर 24300086 था। दोनों परीक्षाओं का आयोजन जेपीएससी के मातहत हुआ था और परीक्षाओं का संचालन TDPL ने किया था। जांच एजेंसी ने इसे हितों के टकराव का गंभीर मामला बताया है।
एजेंसी ने कहा कि एक ही परिवार के पिता-पुत्र का इन परीक्षाओं में शामिल होना परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कहा जा रहा है कि परीक्षा प्रक्रिया में निष्पक्षता और ईमानदारी के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन हुआ है।

अभय तिवारी समेत 10 लोग जेल में हैं
गौरतलब है कि अभय तिवारी ने JSSC-CGL परीक्षा में कथित तौर पर पेपर लीक के जरिए पत्नी सुषमा तिवारी और भाई अक्षय तिवारी समेत कई अन्य रिश्तेदारों की विभिन्न पदों पर नौकरी लगवाई। वह खुद भी चयनित होकर पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के रूप में कार्यरत था। CID ने अभय तिवारी को 21-22 जुलाई की दरमियानी रात गिरफ्तार किया था। एजेंसी अभय कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा तिवारी और भाई अक्षय तिवारी समेत कुल 10 लोगों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुका है।

अभय तिवारी ने भर्ती परीक्षाओं में की धांधली
14वीं JPSC पीटी परीक्षा में गड़बड़ी की जांच से शुरू हुआ सिलसिला JSSC-CGL समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितता और गड़बड़ी की जांच तक जा पहुंचा है। अब तक की जांच में पता चला है कि अभय कुमार तिवारी भर्ती परीक्षाओं में घोटालों का अहम किंगपिन था। उसने JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के साथ मिलकर सेटिंग का खेल खेला। JSSC में भी धांधली कराई।