साहिबगंज:
साहिबगंज के बरहरवा में डिटिजल अरेस्ट करके व्यक्ति से 1.20 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित गौतम दास ने बताया कि साइबर अपराधियों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर उन्हें डराया। इस दौरान अश्लील वीडियो वायरल करने और मुकदमे का डर दिखाया गया। अपराधियों ने पीड़ित से RTGS के माध्यम से अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई। इस मामले में बरहरवा थाना में कांड संख्या 218/26 दर्ज करके भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 319(2), 318(4), 351(2) एवं और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
पीड़ित गौतम दास ने बीते 31 अगस्त को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस ने कांड का पर्दाफाश करते हुए 3 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग अंतर्राज्यीय गिरोह का हिस्सा हैं।

बंगाल के दुर्गापुर से जुड़े हैं गिरोह के तार
गौतम दास की शिकायत पर साहिबगंज के एसपी के निर्देश पर डीएसपी (मुख्यालय) सह नोडल पदाधिकारी साइबर सेल के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। टीम ने बैंक खातों के स्टेटमेंट और तकनीकी शाखा की मदद से रकम के लेन-देन तथा आरोपियों की गतिविधियों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर क्षेत्र से जुड़े एक अंतर्राज्यीय संगठित साइबर गिरोह के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े तीन कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
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पश्चिम बंगाल के निवासी हैं तीनों अपराधी
पुलिस ने गौतम दास को डिजिटल अरेस्ट करने और उसे अश्लील वीडियो और मुकदमे का डर दिखाकर ठगी करने वाले 3 अपराधियों को पकड़ा है। उनमें पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर का रहने वाला 28 वर्षीय रंजीत बास्की, विधाननगर निवासी आसित महतो और पश्चिम वर्धममान के धीरज हारी को पकड़ा है। पुलिस तीनों से पूछताछ के जरिये साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। रकम के लेन-देन के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।